Nirjala Ekadashi 2026: कब है निर्जला एकादशी, इस दिन तुलसी को जल चढ़ाएं या नहीं?

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Nirjala Ekadashi 2026 Kab Hai
Nirjala Ekadashi 2026 Kab Hai

Nirjala Ekadashi 2026 Kab Hai: ज्येष्ठ मास में निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। ये एकादशी अन्य सभी एकादशियों से अधिक महत्व वाली है। इस व्रत पानी पीने की भी मनाही होती है।

Nirjala Ekadashi Facts: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। इस तिथि से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपरा हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस बार ये एकादशी 25 जून, गुरुवार को है। इस व्रत में श्रद्धालु बिना अन्न और जल के व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। निर्जला एकादशी को लेकर लोगों के मन में एक सवाल अक्सर उठता है कि इस दिन तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना चाहिए या नहीं? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानें इस सवाल का जवाब…

क्या निर्जला एकादशी पर तुलसी को जल चढ़ा सकते हैं?

ज्योतिषाचार्य पं. द्विवेदी शर्मा के अनुसार, एकादशी तिथि भगवान विष्णु को प्रिय मानी जाती है और तुलसी माता भी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। इसी तरह कई परंपराओं में इस दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करने से भी परहेज किया जाता है। माना जाता है कि एकादशी के दिन तुलसी माता भी भगवान विष्णु के लिए व्रत करती हैं इसलिए उन्हें इस दिन जल नहीं चढ़ाना चाहिए।

कब चढ़ाएं तुलसी को जल?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि (26 जून, शुक्रवार) को तुलसी माता को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इस दिन तुलसी की विधिवत पूजा कर जल चढ़ाने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।

क्या एकादशी पर तुलसी के पत्ते तोड़ सकते हैं?

एकादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए, ऐसा करना महापाप माना गया है। अगर किसी विशेष कार्य के लिए तुलसी के पत्ते चाहिए तो इन्हें एक दिन पहले यानी दशमी तिथि को ही तोड़कर रखे लें और इनका उपयोग करें। तुलसी के पत्तों का उपयोग 1 से अधिक बार भी किया जा सकता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है।

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