जानिए मेयर और विधायक के खिलाफ दायर याचिका पर कोर्ट ने किया सुनाया फैसला

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नैनीताल हाई कोर्ट से एक अजीबोगरीब मामला सामने आ रहा है जानकारी के अनुसार बता दे कि यहां पर हाई कोर्ट में मेयर और विधायक के खिलाफ याचिका दायर की गई थी जिस पर हाई कोर्ट के द्वारा फैसला सुनाया गया और फैसला सुनाने के साथ ही याचिकाकर्ताओं के ऊपर 50-50हज़ार का जुर्माना लगाया गया साथ ही उनकी याचिका को भी खारिज कर दिया गया जानकारी अनुसार देहरादून निवासी उमेश कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि खानपुर, हरिद्वार के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, उनके पुत्र व पत्नी अपने काफिले में हूटर व लाल बत्ती लगा कर मंगलौर, खानपुर, रुड़की सहित कई स्थानों में आते-जाते है जिससे इस क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है। हूटर बजने के कारण स्कूल, घरों व अस्पतालों का माहौल खराब हो रहा है, इस पर रोक लगाई जाए। पूर्व में भी न्यायालय द्वारा इस तरह के सायरन आदि बजाने पर रोक लगाई गई थी।

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्यन्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खण्डपीठ ने कहा कि उपरोक्त जनहित याचिका राजनैतिक दुर्भावनाओं से प्रेरित होकर दायर की गई है। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन 2017 से विधयाक हैं, पहले जनहित याचिका दायर क्यों नहीं की गई?वहीं, दूसरी जनहित याचिका रुड़की निवासी संजीव कुमार द्वारा मेयर गौरव गोयल के खिलाफ दायर की गई। जिसमें कहा गया कि मेयर द्वारा वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। उनके द्वारा जितने भी निर्माण कार्य किए गए हैं उनमें उनके द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है,

लिहाजा इसकी जाँच कराई जाए और उनके वित्तीय अधिकार सीज किये जाएं। इस जनहित याचिका को भी न्यायालय ने राजनैतिक दुर्भावना से प्रेरित मानते हुए खारिज कर दिया।कोर्ट ने दोनों याचिकाकर्ताओं पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए दो सप्ताह के भीतर बार एसोसिएशन के खाते में जमा करने को कहा है। कोर्ट ने डीएम हरिद्वार को निर्देश दिए हैं कि जुर्माना जमा नहीं करने पर विधि अनुसार उनकी सम्पति से वसूल किया जाये।

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