कोरोना पर कंट्रोल के लिए भारत ने पहले से कसी कमर, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज बुलाई बड़ी बैठक

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कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल देती एक युवती (फाइल फोटो-पीटीआई)

चीन में कोरोना के बढ़ते केस ने भारत सरकार की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन से आ रहे कोरोना आंकड़ों के मद्देनजर अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इसी को देखते हुए आज बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया कोरोना पर एक समीक्षा बैठक करेंगे।

बता दें कि चीन में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. महामारी विशेषज्ञों का चीन में कोरोना विस्फोट को लेकर किया जा रहा दावा चौंकाने वाला है. दावा किया जा रहा है कि अगले 90 दिनों चीन की 60 फीसदी आबादी कोरोना की चपेट में होगी. 

न सिर्फ चीन बल्कि जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और अमेरिका में भी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. इसके बाद भारत सरकार भी सतर्क हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बुधवार को 11.30 बजे ‘अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को ध्यान’ में रखकर कोविड पर एक अहम मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे. इस मीटिंग में स्वास्थ्य महकमे से जुड़े बड़े बड़े अफसर शामिल होंगे. 

रिपोर्ट के अनुसार मीटिंग में स्वास्थ्य, आयुष विभाग के सचिव शामिल होंगे. इसके अलावा फार्मास्यूटिकल्स विभाग, बायो तकनीक विभाग, ICMR के महानिदेशक राजीव बहल, नीति आयोग के सदस्य (हेल्थ) वीके पॉल,  NTAGI चेयरमैन एन के अरोड़ा और दूसरे सीनियर अधिकारी शामिल होंगे.

केंद्र ने शुरू की जिनोम सीक्वेंसिंग की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे नए कोविड पॉजिटिव मरीजों का सैंपल INSACOG (Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium) प्रयोगशाला को भेजे ताकि वहां इस सैंपल का जिनोम सीक्वेंसिंग हो सके और अगर कोरोना का कोई नया वैरिएंट पनपता है तो उसे ट्रैक किया जा सके. 

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि इस तरह की कवायद से देश में मौजूद नए वैरिएंट, यदि कोई हो, का समय पर पता लगाने में मदद लेगी, और फिर इसके आधार पर केंद्र सरकार आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की सुविधा प्रदान करेगी.  

बता दें कि इस वक्त केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और INSACOG देश में कोरोना के ट्रेंड पर नजर रखे हुए हैं।

कोरोना से लड़ने के लिए भारत की पांच स्तरीय रणनीति

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत ने अबतक अपनी पांच स्तरीय रणनीति टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, टीका और कोविड के अनुसार व्यवहार की मदद से कोरोना का प्रसार रोकने में सफल रहा है. इस वक्त देश में हर सप्ताह कोरोना के करीब 1200 केस आ रहे हैं.  

राजेश भूषण ने कहा कि अभी भी दुनिया में कोरोना को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं. इस वक्त दुनिया भर में हर सप्ताह कोरोना के 35 लाख मामले आ रहे हैं.  

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण राजेश भूषण ने कहा कि जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, कोरिया गणराज्य, ब्राजील और चीन में कोरोना मामलों की अचानक तेजी को देखते हुए भारत में कोरोना के सभी पॉजिटिव केसों का जिनोम सीक्वेंसिंग जरूरी है. ताकि नए वैरिएंट को ट्रैक किया जा सके. 

भारत के लिए राहत 

इस बीच मंगलवार को एंटी टास्क फोर्स के वरिष्ठ सदस्य और कोविड टीकाकरण अभियान के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा है कि भारत को चीन की स्थिति से चिंतित होने की जरूरत नहीं है. लेकिन हमें अलर्ट रहना होगा. उन्होंने कहा कि हम सुन रहे हैं कि चीन में कोरोना वायरस फिर तेजी से पैर पसार रहा है. लेकिन भारत की बात करें तो यहां बड़े स्तर पर टीकाकरण किया जा चुका है. यहां व्यस्कों को टीका लग चुका है. एनके अरोड़ा ने ये जानकारी भी दी है कि दुनिया में अब तक जितने भी कोरोना के सब वैरिएंट आए हैं, उनके मामले भारत में मिल चुके हैं. हमें नए वैरिएंट को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. 

 6 लाख 4 हजार 766 पॉजिटिव केस 

कोरोना डाटा पर नजर रखने वाली संस्था वर्ल्डोमीटर के अनुसार 19 दिसंबर को दुनिया में कोरोना के  6 लाख 4 हजार 766 पॉजिटिव केस रिकॉर्ड किए गए. अगर 7 दिनों का औसत देखें तो दुनिया में रोजाना 5,87,857 लोग कोरोना से पॉजिटिव हो रहे हैं. 

इन आंकड़ों के बीच चीन की स्थिति बेहद खराब है. सोशल मीडिया के जरिये आ रही तस्वीरों में चीन में कोरोना का विस्फोट दिख रहा है. यहां के अस्पताल कोरोना मरीजों से भरे पड़े हैं. दवा दुकानों में भारी भीड़ है. बुखार और सिरदर्द की कई जरूरी दवाएं चीन में आउट ऑफ स्टॉक हो गई है. बीजिंग के मुर्दाघरों में 24 घंटे अंतिम संस्कार किया जा रहा है.  

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