उत्तराखंड में पिता बना हैवान!, बेटी के साथ किया ऐसा घिनौना काम कि घर से…

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पिथौरागढ़ में एक 13 साल की अपने घर से भाग गई। लेकिन जैसे ही बच्ची को बरामद कर उससे घर छोड़ने की वजह पूछी गई तो उसने जो बताया उसे सुनकर आप भी विश्वासन नहीं कर पाएंगे। आखिर क्यों एक 13 साल की बच्ची अपने घर से भागने पर मजबूर हो गई। बच्ची की काउंसलिंग में ऐसी क्या चौंकाने वाली जानकारी सामने आई चलिए जानते हैं।

पिथौरागढ़ में पिता की हैवानियत

जिस घर को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है पिथौरागढ़ में एक मासूम के लिए वही घर डर का सबब बन गया। जी, हां उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिसने न सिर्फ देवभूमि को शर्मसार किया है। बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया है। पिथौरागढ़ में 9वीं में पड़ने वाली एक बच्ची अचानक घर से लापता हो गई। 

घर से भागी बच्ची को पुलिस ने ढूंढा

ऐसे रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने के चलते बच्ची के परिजन भी काफी परेशान थे और उसके सही सलामत होने की दुआ कर रहे थे। हालांकि इसके बाद जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी दी गई तो पुलिस ने उस बच्ची को उसी के घर से कुछ ही दूरी पर सुरक्षित ढूंढ लिया। लेकिन इसके बाद काउंसलिंग में बच्ची ने जो सच्चाई बताई उसने इस पूरे मामले का रुख ही बदल दिया।

बेटी ने बताया पिता करता है घिनौना काम

जैसे ही उस बच्ची की काउंसलिंग शुरू हुई, तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसका पूरा शरीर डर से कांप रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस दौरान नाबालिग ने बताया कि उसका अपना ही घर उसके लिए नर्क बन चुका था। नाबालिग का कहना था कि उसका पिता उसके साछ छेड़छाड़ किया करता था।

नाबालिग का सगा पिता जिसने उसे उंगली पकड़कर चलना सिखाया जिसपर उसे सबसे ज्यादा भरोसा था। वही पिता उस नाबालिग पर गंदी नजर रखता उससे बदसलूकी किया करता था। वो रोज़ इस प्रताड़ना को सहने को मजबूर थी जिससे तंग आकर वो 13 साल की नाबालिग अपने ही घर से भागने पर मजबूर हो गई।

पुलिस ने आरोपी पिता को किया गिरफ्तार

हालांकि इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है।

मामले की जांच जारी है। लेकिन ये घटना गांवों में रहने वाली उन तमाम बच्चियों के लिए सबक भी है। अगर आपके साथ कोई भी कुछ गलत कर रहा है तो चुप बैठने से काम नहीं चलेगा। आवाज उठानी होगी। सरकारी मशीनरी को भी ऐसे व्यवस्था बनानी होगी कि दूरस्थ गांवों में रहने वाली बच्चियों में से भी किसी बच्ची को ऐसे घर छोड़ने की नौबत न आए