शराब की दुकानों पर हाईकोर्ट में सरकार का जवाब, जनहित याचिका निस्तारित

उत्तराखण्ड में धनौल्टी तहसील के हटवल गांव समेत प्रदेशभर में नई शराब की दुकान नहीं खोलने की जानकारी देने के साथ जनहित याचिका निस्तारित।
अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया कि टिहरी के जौनपुर से जिला पंचायत सदस्य सीता देवी ने उच्च न्यायालय में इसी वर्ष 5 जुलाई को जनहित याचिका डाली। इसमें कहा गया कि धनौल्टी तहसील के हटवल गांव में एक शराब की नई दुकान खोलने के खिलाफ जनाक्रोश उमड़ा, जबकी नवीनतम आबकारी नीति(लिकर पॉलिसी)में साफ कहा गया है कि नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी, बल्कि पुरानी चलती दुकानों को ही चलने दिया जाएगा।
इस दुकान के जनविरोध पर जिलाधिकारी ने बंदी का आदेश दिया, जिसे आबकारी आयुक्त ने स्टे कर दिया और दुकान चलने लगी।
याचिका की कॉपी आबकारी आयुक्त को सौंपी गई और सुनवाई के दौरान न्यायालय ने याचिकाकर्ता को एक मौका आबकारी आयुक्त के उस स्टे आर्डर को चैलेंज करने का दिया। इस दौरान आबकारी आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को आबकारी नीति 3.14 जारी कर नई शराब की दुकान नहीं खोलने के आदेश दिए। इसमें ये भी कहा गया कि 2024/25 से चली आ रही दुकानें ही सुचारू रहेंगी।
इससे ये साफ हो गया कि धनौल्टी तहसील के हटवल गांव की शराब की दुकान नहीं खुलेगी। मुख्य न्यायाधीश मंनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें


