मंत्री के नाम पर पढ़ाई पट्टी, खुद ही चिट्ठी जारी कर निकाला वेतन, अब सस्पेंड

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उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने एक सरकारी आटीआई के प्रिंसिपर को सस्पेंड कर दिया है। प्रिंसिपल के ऊपर मंत्री की धौंस देकर गैरहाजिर रहने के दौरान का वेतन गलत तरीके से निकालने का आरोप है।


दरअसल पीके धारीवाल की हरिद्वार आईटीआई में नियुक्ति की गई। 29 जुलाई 2022 को ये आदेश जारी हुआ। 30 जुलाई को पीके धारीवाल ने हरिद्वार आईटीआई में ज्वाइन कर लिया लेकिन इस दौरान उन्हें जून और जुलाई का वेतन नहीं मिला। आरोप है कि पीके धारीवाल ने अपने ही हस्ताक्षर से एक कार्यालय आदेश जारी किया। इस आदेश में उन्होंने बताया कि उन्हें जून और जुलाई महीने का वेतन निर्गत किया जाए। ये आदेश 8 अगस्त को जारी हुआ।


इस आदेश के बाद पीके धारीवाल को वेतन निर्गत कर दिया गया। हालांकि दिलचस्प ये भी है कि इसी कार्यालय आदेश में उन्होंने खुद ही लिखा है कि उनको पिथौरागढ़ में तैनाती का आदेश जारी हुआ था जो गलत निकला। इसी आदेश में ये भी बताया गया है कि खुद विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भी इस आदेश को गलत बताया था।


वहीं इस मसले पर विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा है कि पीके धारीवाल उनके पास कुछ समय पहले आए थे। पीके धारीवाल ने सौरभ बहुगुणा से कहा कि चूंकि वो बेहद सीनियर अफसर हैं लिहाजा उन्हें उनकी योग्यता के हिसाब से क्लास वन की आईटीआई मिलनी चाहिए।

सौरभ बहुगुणा के मुताबिक पीके धारीवाल की बात सुनने के बाद उन्होंने सचिव को मार्क किया कि पीके धारीवाल को उनकी योग्यता के अनुसार आईटीआई दी जाए। सचिव ने कार्रवाई करते हुए पीके धारीवाल को क्लास वन आईटीआई में बतौर प्रिंसिपल तैनात किया लेकिन पीके धारीवाल ने ज्वाइन ही नहीं किया। इसके बाद उन्हे अन्य आईटीआई में तैनाती दी गई तो उन्होंने वहां भी ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद उन्हे हरिद्वार में ज्वाइनिंग दी गई। यहां उन्होंने ज्वाइन कर लिया लेकिन ज्वाइनिंग के बाद उन्होंने उस समयावधि का वेतन निकालने की जुगत लगाई जिस दौरान उन्होंने कहीं ज्वाइनिंग ही नहीं की थी और बिना किसी कारण बताए गैरहाजिर रहे थे।
इसीलिए उन्होंने खुद ही एक कार्यालय आदेश बनवाया और विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा का हवाला देते हुए अपना बकाया वेतन निकाल लिया।
अब बात जब मंत्री तक पहुंची तो वो हैरान रह गए। पीके धारीवाल के जरिए अनुशासनहीनता और गलत तरीके से वेतन निकालने के आरोप में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

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