यहां प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने पति कर दी हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

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पुलिस के आगे महिला की चालाकी नहीं टिक पाई , प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर हार्टअटैक की रची थी झूठी कहानी पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया। बता दे कि पत्नी ने अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पति की हत्या कर दी और फिर हार्टअटैक से मौत होने की कहानी रचाई। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस जांच में यह बात सामने आई की महिला और प्रेमी को अवैध संबंध बनाते देख लिया था और फिर दोनों ने मिलकर पति का गला घोंटकर मार दिया।

पुलिस के अनुसार 10 मई की रात्रि को दीपक 34 वर्ष निवासी खांड गांव जनपद देहरादून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। दीपक की पत्नी अमिता ने सुबह करीब 3:30 बजे देवर जितेंद्र नेगी को फोन कर कहा कि उसका पति कुछ बोल नहीं रहा है और उसके नाक से खून भी बह रहा। अमिता की बात सुनकर घर के सभी लोग इकट्ठा हो गए थे तथा दीपक को अस्पताल लेकर गए थे। जहां दीपक को डाक्टरों मे मृत घोषित कर दिया। 24 मई को जितेंद्र नेगी ने अपनी भाभी और उसके प्रेमी सतेंद्र नेगी पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाना रायवाला में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बयान हेतु थाने पर बुलाया, जहां शुरुआत में दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे लेकिन पुलिस सख्ती के आगे टिक नहीं सके और दीपक की हत्या करने की बात स्वीकार की।


पूछताछ में आरोपी सतेंद्र नेगी ने बताया कि 2021 में उसने भगवान सिंह नेगी के भवन निर्माण का ठेका लिया था। इसी दौरान उसकी बातचीत दीपक की पत्नी अमिता से शुरू हो गई और दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध भी बने। 10 मई को अधिक नशे में होने की वजह से देर रात्रि दीपक के घर उसकी पत्नी अमिता से मिलने गया था, जहां दोनों शारीरिक संबंध बनाने लगे। इसी दौरान दीपक ने यह देख लिया तो दोनों में बहसबाजी होने लगी। इसी दौरान मैंने चुन्नी से दीपक का गला घोट दिया और जिससे उसके नाक से खून आ गया। हमने उसे उठाकर अंदर कमरे मे बेड पर लिटा दिया और मैंने अमिता को समझाया कि वह घर मे सब को कहे कि दीपक को हार्टअटैक आया है और मैं वहां से भाग गया।


इसके वाद अमिता द्वारा सुबह समय करीब 3ः30 बजे अपने देवर को फोन करके कहा कि दीपक कुछ नहीं बोल रहा है और उसके नाक से खून भी निकल रहा है। अमिता की बात सुनकर घर के सभी लोग इकट्ठा हो गए तथा दीपक को अस्पताल लेकर गए जहां डाक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। लेकिन मामला संदिग्ध होने की वजह से पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिसमें हत्या का खुलासा हुआ।


खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रायवाला भुवन चंद्र पुजारी, एसआई नीरज त्यागी, कुशाल सिंह रावत, कां. नवनीत सिंह नेगी, दिनेश महर, प्रदीप गिरी, राजीव कुमार, कुलदीप सिंह, विनोद सिंह, गीता शर्मा शामिल थे।

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