कैसे हुई प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत?: कटा प्राइवेट पार्ट, ग्राइंडर-धोती, सीढ़ियों पर खून ही खून; कई सवाल

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साधक ने की खुदकुशी – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) ने जान दे दी। छत से नीचे गिरने के बाद अन्य साधक उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने फाॅरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया।

पुलिस के अनुसार, वराह घाट के पास गऊ कृपा कुंज के नाम से आश्रम हैं। यहां संत प्रेमानंद महाराज के करीब 40- 50 साधक रहते हैं। चार मंजिल के इस कुंज में रहकर साधक राधारानी की उपासना कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे आश्रम की चौथी मंजिल से एक साधक ने छलांग लगा दी। आश्रम से करीब छह फुट की दूरी पर वह सड़क पर गिरे। उनके गिरते ही अफरा तफरी मच गई। 

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