लोनिवि के संविदा में कार्यरत आंदोलित जेई का हाई वोल्टेज हंगामा, चढ़े पानी की टंकी में, आखिर पसीजी सरकार, कैबिनेट ने इन्हें दिया अधिकार

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

प्रदेश भर के संविदा में कार्यरत जूनियर अभियंता विगत डेढ़ माह से अधिक समय से अपनी एकमात्र मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कैबिनेट की बैठक के मद्देनजर इन इंजीनियरों ने सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए परेड ग्राउंड से सचिवालय मार्च निकालने का फैसला लिया।

लेकिन पुलिस इनके आड़े आ गई। प्रदर्शन की अनुमति के चलते इन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया लेकिन पुलिस ने इनके साथ बर्बरता पूर्वक कार्यवाही की। कई अभियंताओं को पुलिस ने गाड़ी में डालकर सिद्धू वाला जेल में डाल दिया वहीं कुछ अभियंता जो पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके वह परेड ग्राउंड की ओर से सचिवालय की ओर बढ़ने लगे इसी बीच परेड ग्राउंड की टंकी पर दो आंदोलित अभियंता चढ़ गए उन्होंने अपने प्राण देने की चेतावनी देते हुए प्रशासन के माथे पर बल ला दिए।

आंदोलनकारियों के टंकी पर चढ़ने की वजह से स्थानी प्रशासन के हाथ पांव फूल ने लग गए आनन-फानन में सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंची उन्होंने आंदोलनकारियों से नीचे उतरने का अनुरोध किया लेकिन आंदोलनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे उन्होंने कहा कि जब तक उनकी नियमितीकरण का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित नहीं होता है तब तक वह नीचे उतरने वाले नहीं है इसी बीच कैबिनेट की बैठक में 26 प्रस्ताव रखे हुए जिनमें एक प्रस्ताव यह भी था की संविदा पर कार्यरत अवर अभियंताओं के मामले में फैसला लेने का अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया गया है। https://youtu.be/geIP8aL9tzs

मुख्यमंत्री इस पर फैसला लेंगे। इस बात की सूचना के बाद 5 लोगों के एक डेलिगेशन को सचिवालय स्थित वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक करने को कहा गया जहां से बताया गया कि इस मामले का अधिकार अब मुख्यमंत्री को दे दिया है जिसके बाद फोन द्वारा साथी आंदोलनकारियों को इस निर्णय की सूचना दी गई इसके बाद ही आंदोलनकारी पानी की टंकी से उतरने को तैयार हुए। मौके पर संगठन के अध्यक्ष सूरज डोभाल, जिलाध्यक्ष संजय जोशी कुमाऊं मंडल अध्यक्ष संदीप तिवारी पूनम रावत रामा रावत गायत्री कांडपाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

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