@haldwaniखाता दूसरे बैंक में जानें की खुन्नस में इस बैंक ने पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार को लगाई बड़ी चपत

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

सावधान रहें सभी बैंक खाताधारक भली-भांति जानने के बाद ही बैंक में लिमिट और लोन की प्रक्रिया को अंजाम दे ऐसा ना हो कि आपके साथ प्रोसेसिंग के नाम पर बहुत बड़ी धोखाधड़ी हो जाए और आपको एक बहुत बड़ी रकम गंवानी पड़ जाए. बैंकों की हिडन शर्तें ऐसी होती है जोकि खाता खोलते समय बैंक द्वारा नहीं बताई जाती है.

ऐसा ही एक मामला हल्द्वानी के कालाढूंगी रोड स्थित एक बैंक आया है जहां इस बैंक ने पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार नीरज मिश्रा के दो लाख ₹63000 की हेराफेरी कर दी.

जानकारी के अनुसार इस बैंक में ब्याज दर एवं प्रोसेसिंग चार्ज भी अधिक होने बाद जब उपभोक्ता ने अपना खाता कम ब्याज और मिनिमम प्रोसेसिंग चार्ज होने के चलते दूसरे बैंक अपना खाता शिफ्ट करने का निर्णय लिया तो बैंक ने इसी खुन्नस में नीरज मिश्रा के खाते से ₹2,63000 काट लिए.

जबकि किसी भी तरह के नियमों में यह लागू नहीं होता है. जानकारी के अनुसार नीरज मिश्रा ने अपना अकाउंट इस बैंक से हटाकर अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में शिफ्ट किया बैंक ने लोन समेत सभी औपचारिकताएं हैंड ओवर कर ली. तो खाते में से इस बैंक ने ₹2,63000 काट लिए.इस संबंध में बैंक अधिकारियों से बात करने के बाद जब सकारात्मक जवाब नहीं दिया.

अलावा लोगों द्वारा यह भी बताया गया कि इस बैंक में यह भी बात देखी गई की लोन लेते समय यह किसी भी ग्राहक को अपने हाथ से नहीं जाने देने के लिए प्रोसेसिंग में होने की बात कहता है लेकिन लंबे समय तक उपभोक्ता को लोन नहीं मिलता है तथा जिसकी वजह से उसका कामकाज प्रभावित रहता है.

नीरज मिश्रा ने जब बैंक के अधिकारियों से ₹263000 जीने की वजह पूछी तो उन्होंने बड़े अधिकारियों और वकील से बात करने को कहा..

उपभोक्ता बैंक बैंक से खाता खोलते समय अथवा लोन लेते समय किसी वकील से कहां बात करता है बैंक उस में खाता खोलने के लिए किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने का आश्वासन देता है.

नीरज मिश्रा का बैंक में अच्छी लिमिट और अच्छा लेनदेन होने के चलते जब उन्होंने देखा कि दी नैनीताल बैंक की सेवा अच्छी नहीं है तो उन्होंने अपना अकाउंट अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में शिफ्ट करा लिया और उपभोक्ता का अधिकार भी है कि जहां उसे अच्छी सर्विस मिलेगी वह वही अपना व्यवसाय से संबंधित खाता खुलेगा . हां अच्छा खासा रकम का खाता अपने हाथों से जाता देख बैंक ने खुन्नस ₹263000 की हेराफेरी कर दी.

मजबूरन नीरज मिश्रा को रोड स्थित मुखानी थाने में अपनी शिकायत दर्ज करनी पड़ी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह इस मामले की जांच कर रहे हो आज के बाद वह इस मामले में मुकदमा दर्ज करेंगे.

नीरज मिश्रा की ओर से बताया गया कि नवंबर 30 तारीख तक उनके बैंक अकाउंट में 2लाख 76 हजार 179 रुपए थे. 5 दिसंबर को उनके खाते 2 लाख 63 हजार काट लिए गए जिससे उनके खाते में सिर्फ 12हजार 804 रुपए शेष रह गए. बैंक ने किसी पूर्व जानकारी अथवा नोटिस की के उनके खाते से रकम काट ली. उनका यह खाता पीली कोठी स्थिति दि नैनीताल बैंक में था.

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