भाजपा के बूथ एजेंट पर मुसलमानों के वोट कटवाने का आरोप, अपने घरों पर मौजूद लोगों के खिलाफ भरे फॉर्म-7
एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. आरोप लग रहे हैं कि इलाके के बीएलओज की तरफ से फॉर्म 7 दाखिल किया जा रहा है. हैरान करने वाली बात ये है कि जिनके खिलाफ ये फॉर्म दाखिल किया जा रहा है, उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस भी नहीं भेजा गया है.इंग्लिश अखबार द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साजिद हुसैन पिछले 20 साल से उत्तरपूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके के दयालपुर में एक ही पते पर रह रहे हैं.
दिल्ली के मुस्तफाबाद में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. आरोप लग रहे हैं कि इलाके के बीएलओज की तरफ से फॉर्म 7 दाखिल किया जा रहा है. हैरान करने वाली बात ये है कि जिनके खिलाफ ये फॉर्म दाखिल किया जा रहा है, उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस भी नहीं भेजा गया है.इंग्लिश अखबार द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साजिद हुसैन पिछले 20 साल से उत्तरपूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके के दयालपुर में एक ही पते पर रह रहे हैं.
वे दर्जी का काम करके अपना जीवन यापन करते हैं. बुधवार को वो एक ऐसी सूचना से परेशान हो गए. ये सूचना SIR से जुड़ी थी. SIR की प्रक्रिया के दौरान दावेआपत्ति को दाखिल किया गया है. उनके बेटे असद रजा जैदी और पत्नी अफसाना खातून के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म 7 भरे गए हैं.
किसने दाखिल किया है नाम हटाने का आवेदन?
हुसैन के मुताबिक, जिस शख्स ने ये फॉर्म भरे हैं, उसका नाम उन्होंने कभी नहीं सुना. इस इलाके के 28 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई थी. कारण में बताया गया कि वो अनुपस्थित हैं या स्थायी रूप से कहीं और चले गए या मर चुके हैं. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार ये सभी आवेदन भाजपा के बूथस्तरीय एजेंट2 चंद्र शेखर नैनवाल ने दाखिल किए थे.
इंग्लिश अखबार द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी 28 लोग अपनेअपने पते पर ही रह रहे हैं. उन्होंने फॉर्म भी जमा किए थे और 31 अगस्त की ड्राफ्ट सूची में उनके नाम थे. अखबार ने इनमें से 19 लोगों या उनके परिवार से बात की. सबके पास सही पहचान पत्र थे. किसी ने भी चंद्र शेखर नैनवाल का नाम पहले नहीं सुना था.
नहीं भेजा गया कोई नोटिस
पोलिंग बूथ नंबर 129 पर फॉर्म7 के आवेदन दिए गए थे. इनमें से 18 नाम 25 अक्टूबर को, 9 नाम 21 अक्टूबर को और 1 नाम 19 अक्टूबर को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी की रोजाना की आपत्ति सूची में डाले गए थे. इन मतदाताओं को अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है. नोटिस तभी भेजा जाता है जब चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारी को कोई आपत्ति मिलती है और उसे फॉर्म10 पर दिखाया जाता है.
आरोप है कि पूरे मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र में स्थिति अलगअलग है. यहां कुल 843 आपत्तियां दर्ज हुईं. तीसरे पक्षों के 597 फॉर्मों में से ज्यादातर को बीजेपी के BLA ने भरा है. BLA ने कुल 572 फॉर्म 7 दाखिल किए, जो क्षेत्र के 24 अलगअलग हिस्सों में मुख्य रूप से मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ थे.
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