सावधान! सर्विस ऐप से घर की सफाई के लिए मेड बुलाना पड़ा भारी, बुजुर्ग पर लगाया रेप का झूठा आरोप,फिर…….
Dwarka maid fake rape case: आजकल मोबाइल ऐप्स के जरिए घर बैठे हाउस क्लीनिंग (सफाई) या अन्य घरेलू सेवाएं लेना बेहद आम हो चुका है, लेकिन दिल्ली के द्वारका इलाके से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है जो आपको सावधान करने के लिए काफी है। द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने एक ऐसी चालाक मेड (घरेलू सहायिका) को गिरफ्तार किया है, जिसने ऑनलाइन सर्विस ऐप के जरिए काम मिलने के बाद एक बुजुर्ग पर रेप का झूठा आरोप लगाया और फिर मामले को रफा-दफा करने के एवज में 5 लाख रुपये की रंगदारी मांग डाली।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार (30 जून 2026) की है। आरोपी महिला की पहचान पूजा गिरी (निवासी: कापसहेड़ा) के रूप में हुई है। पूजा गिरी गुरुग्राम (गुड़गांव) स्थित एक कंपनी से जुड़ी हुई है, जो ऑनलाइन ऐप के जरिए घरों में सफाई की सेवाएं प्रदान करती है।
मंगलवार दोपहर करीब 12:10 बजे पूजा गिरी को ऐप के जरिए द्वारका के ‘चित्रकूट अपार्टमेंट’ में रहने वाले पीड़ित (56 वर्ष) के घर सफाई का काम अलॉट हुआ था। पीड़ित गुरुग्राम के प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और उस वक्त घर पर अकेले थे।
सफाई खत्म होते ही शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
महिला ने घर की सफाई की और जैसे ही काम खत्म हुआ, उसने एक खौफनाक साजिश रची। उसने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (112) पर कॉल करके आरोप लगाया कि जब वह काम खत्म करके जाने लगी, तो पीड़ित ने पीछे से आकर उसे दबोच लिया और उसके साथ बलात्कार किया।
पुलिस कॉल करने के तुरंत बाद महिला ने असली खेल शुरू किया। उसने पीड़ित के बेटे से संपर्क साधा और धमकी दी कि अगर उसने तुरंत 5 लाख रुपये नहीं दिए, तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर पूरे परिवार को जेल भिजवा देगी और समाज में उनकी बदनामी कर देगी।
बेटे की सूझबूझ ने किया पर्दाफाश, रंगेहाथों गिरफ्तारी
बुजुर्ग का बेटा इस गीदड़भभकी के आगे झुका नहीं, बल्कि उसने बेहद सूझबूझ से काम लिया। उसने महिला को पैसे देने के बहाने एक जगह बुलाया। जब महिला पूजा गिरी डील के तहत आंशिक रकम के रूप में 2 लाख रुपये ले रही थी, तब पीड़ित के बेटे ने पैसे मांगने और उसे स्वीकार करने का पूरा वीडियो अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (मोबाइल) में गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया।
यह पुख्ता सबूत हाथ लगते ही परिवार ने तुरंत पुलिस को इस ब्लैकमेलिंग की जानकारी दी। द्वारका सेक्टर-23 पुलिस ने जब मामले की गहन जांच की, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। पुलिस जांच में साफ हो गया कि महिला की पीसीआर कॉल पूरी तरह झूठी थी और उसका एकमात्र मकसद परिवार को डराकर मोटी रकम वसूलना था।
पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
पुलिस ने बुधवार को आरोपी महिला पूजा गिरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से रंगदारी (Extortion) के वसूले गए 2 लाख रुपये भी नकद बरामद कर लिए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि यह महिला पहले भी एक बार इस घर में सफाई के लिए आ चुकी थी और उसे पता था कि परिवार आर्थिक रूप से सक्षम है।
पीड़ित के बयान और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 (रंगदारी/जबरन वसूली के लिए किसी को चोट या बदनामी के डर में डालना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में जेल भेज दिया गया है।
रीडर्स के लिए जरूरी अलर्ट: यह खबर उन सभी लोगों की आंखें खोलने वाली है जो सुरक्षा जांच (Background Verification) किए बिना सर्विस ऐप्स के जरिए अनजान लोगों को अपने घरों के भीतर एंट्री दे देते हैं। किसी भी अनजान वेंडर या कर्मचारी को घर बुलाते समय सतर्क रहें और घर में सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूर रखें।
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