केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी! DA में 3% बढ़ोतरी और बोनस पर आया बड़ा अपडेट
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच, ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने केंद्र सरकार से DA और DR का तुरंत ऐलान करने की जोरदार मांग उठाई है.
संगठन ने इस संबंध में 10 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट सचिव और संबंधित मंत्रालयों को पत्र लिखकर अपनी मांगें सामने रखी हैं. इतना ही नहीं, AIDEF ने केंद्रीय कर्मचारियों के परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस कैलकुलेशन के लिए तय सैलरी लिमिट को भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग दोहराई है. अगर सरकार इस मांग पर मुहर लगा देती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की रकम में भारी बढ़ोतरी हो सकती है.
जुलाई से कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता?
AIDEF ने अपने पत्र में कहा है कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है. ऐसे में DA और DR की घोषणा में देरी होने से कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ रही है. संगठन ने सरकार से गुहार लगाई है कि 1 जुलाई 2026 से बकाया महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का ऐलान बिना किसी और देरी के किया जाए. यह पत्र डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिवों को भी भेजा गया है.
बता दें कि केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में संशोधन करती है, जिसकी गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर होती है. फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का DA और पेंशनर्स का DR 60 फीसदी है. जून 2026 के AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर इस बार DA बढ़कर करीब 63 फीसदी होने का अनुमान लगाया जा रहा है, यानी इसमें 3 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी की आधिकारिक पुष्टि सरकार की घोषणा के बाद ही होगी.
7,000 रुपये की सीमा बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग
DA-DR की मांग के साथ ही AIDEF ने केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस को लेकर भी सरकार के सामने एक अहम प्रस्ताव रखा है. संगठन चाहता है कि परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस कैलकुलेशन के लिए मौजूदा सैलरी लिमिट 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दी जाए.
फिलहाल नॉन-गजेटेड केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस दिया जाता है, जिसकी घोषणा आमतौर पर दशहरे के आसपास होती है. इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को है, इसलिए कर्मचारियों को बोनस का भी बेसब्री से इंतजार है. AIDEF का कहना है कि जब देश में न्यूनतम सैलरी करीब 21,000 रुपये तक पहुंचने की बात की जा रही है, तो बोनस कैलकुलेशन के लिए 7,000 रुपये की पुरानी लिमिट बनाए रखना बिल्कुल न्यायसंगत नहीं है.
बोनस की सैलरी लिमिट में बदलाव का क्या है आधार?
AIDEF ने नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड)-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) का हवाला देते हुए कहा है कि बोनस कैलकुलेशन के लिए सैलरी लिमिट सातवें वेतन आयोग के मिनिमम बेसिक पे और उस पर मिलने वाले DA से कम नहीं होनी चाहिए.
संगठन के पत्र के मुताबिक, 25 नवंबर 2025 के संदर्भ में मिनिमम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये और 58 फीसदी DA (10,440 रुपये) को मिलाकर कुल रकम 28,440 रुपये बनती है. इसी आधार पर संगठन बोनस की सैलरी लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहा है. AIDEF के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने इस मामले में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि वित्त वर्ष 2025-26 से बोनस की गणना के लिए न्यूनतम वेतन की कौन-सी सीमा मानी जानी चाहिए. संगठन ने जोर दिया है कि वित्त वर्ष 2025-26 से ही बोनस की गणना सीमा बढ़ाकर 21,000 रुपये की जाए.
21,000 रुपये की सीमा हुई तो कितना मिलेगा बोनस?
अगर सरकार बोनस कैलकुलेशन के लिए सैलरी लिमिट 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर देती है, तो कर्मचारियों की जेब में आने वाली रकम में बड़ा अंतर देखने को मिलेगा. मौजूदा और प्रस्तावित सीमा के हिसाब से अनुमानित कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार है:
7,000 रुपये की मौजूदा सीमा पर कर्मचारियों को करीब 6,908 रुपये (7,000 ÷ 30.4 × 30) बोनस मिलता है. वहीं, यदि सीमा बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दी जाती है, तो यह रकम बढ़कर करीब 20,724 रुपये (21,000 ÷ 30.4 × 30) हो जाएगी. इसका सीधा मतलब है कि प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर कर्मचारियों को लगभग 13,816 रुपये ज्यादा बोनस मिल सकता है. हालांकि, यह आंकड़े अनुमानित हैं और वास्तविक बोनस राशि सरकार के अंतिम फैसले पर ही निर्भर करेगी.
कर्मचारियों को अब सरकार के फैसले का इंतजार
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें DA-DR में बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं. साथ ही बोनस की गणना के लिए वेतन सीमा बढ़ाने की मांग भी तेजी से जोर पकड़ रही है. अगर सरकार इस त्यौहारी सीजन में दोनों मांगों पर मुहर लगाती है, तो कर्मचारियों के घर दिवाली से पहले ही बड़ा जश्न देखने को मिलेगा. हालांकि, 3 फीसदी DA बढ़ोतरी और 21,000 रुपये बोनस लिमिट दोनों ही मामलों में अंतिम फैसला होना अभी बाकी है.
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