उत्तराखंड में डेमोग्राफिक चेंज को लेकर सरकार सतर्क, चलाया जाएगा सत्यापन अभियान

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उत्तराखंड में डेमोग्राफिक चेंज बड़ी तेजी से देखने को मिला है। जिसे लेकर अब सरकार भी सतर्क हो गई है। प्रदेश में अन्य राज्यों से आए लोगों के उत्तराखंड में बसने को लेकर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि जो लोग बाहर से आकर उत्तराखंड में बसे हैं उनका सत्यापन फिर से किया जाएगा।

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उत्तराखंड में डेमोग्राफिक चेंज को लेकर सरकार सतर्क
उत्तराखंड में एक बार फिर से बाहरी प्रदेश से आए लोगों के उत्तराखंड में बसे होने को लेकर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है की बड़ी सख्ती के साथ ये अभियान दोबारा से चलाया जाएगा। उत्तराखंड में कई अध्ययनों की रिपोर्ट में आया है कि कई क्षेत्रों में उत्तराखंड में बड़ी तेजी से डेमोग्राफिक चेंज देखने को मिल रहा है।

बता दें कि पहले भी डेमोग्राफिक चेंज को लेकर सरकार ने सत्यापन अभियान चलाया था। जिसके बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है की जनसंख्याकी ढांचे की पड़ताल के लिए प्रदेश में व्यापक रूप से सत्यापन अभियान शुरू किया जाएगा । सीएम धामी ने कहा कि दंगा विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून भी उत्तराखंड में बनाए गए हैं। देवभूमि का जो स्वरूप है उसके अनरूप उसके स्वरूप को रखा जाएगा।

देवभूमि के स्वरूप बिगाड़ने की हो रही कोशिश
भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ का कहना है कि जिस तरीके से उत्तराखंड में अपराध बढ़ रहे हैं उस से देवभूमि के स्वरूप बिगाड़ने की भी कोशिश हो रही है। इसलिए अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का रिकॉर्ड भी रखा जाना बेहद जरूरी है। जहां बीजेपी सत्यापन का पूरी तरह से समर्थन कर रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस दबी जुबान में इसको लेकर सवाल उठा रही है।

सत्यापन को लेकर उत्तराखंड में सियासत तेज
बाहरी प्रदेश से आए लोगों के सत्यापन को लेकर उत्तराखंड में सियासत भी देखने को मिल रही है। उत्तराखंड में एक वर्ग विशेष को लेकर सत्यापन अभियान चलाए जाने की चर्चा है। भारतीय जनता पार्टी सीएम धामी द्वारा सत्यापन अभियान चलाया जाने का पूरी तरीके से समर्थन कर रही है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी का कहना है कि जिस तरीके से उत्तराखंड में डेमोग्राफिक चेंज हुआ है उसके लिए सत्यापन अभियान बेहद जरूरी है।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि सत्यापन अभियान किन पहलुओं पर चलाया जाएगा, सरकार को इसको बताना चाहिए। केवल बाहरी प्रदेश से आए लोगों की सत्यापन की बात है तो वो अभियान पर सवाल उठाते हैं की क्या उत्तराखंड के लोग दूसरे प्रदेशों में निवास नहीं करते हैं ?