यूपी से लेकर उत्तराखंड तक… बीजेपी नेता के कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी से हड़कंप, जानें पूरा मामला

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ED Action BJP MLC: बीजेपी नेता धर्मेंद्र ने फर्जी छात्र दिखाकर स्कॉलरशिप के 29 करोड़ रुपये डकारे थे. ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था.

ED action BJP MLC Dharmendra Bhardwaj premises assets worth RS 14 crore seized in UP uttrakhand ann यूपी से लेकर उत्तराखंड तक… बीजेपी नेता के कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी से हड़कंप, जानें पूरा मामला
बीजेपी एमएलसी के ठिकानों पर ईडी की रेड

उत्तराखंड के चर्चित SC/ST छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में ईडी ने बीजेपी नेता के खिलाफ एक्शन लिया है. ईडी ने बीजेपी MLC धर्मेंद्र भारद्वाज पर दो राज्यों में कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के उनके 3 शैक्षिक संस्थानों की संपत्ति जब्त कर ली गई है. ईडी ने उनकी 14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है.

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बीजेपी नेता पर 29 करोड़ के घोटाले का आरोप

बीजेपी नेता धर्मेंद्र ने फर्जी छात्र दिखाकर स्कॉलरशिप के 29 करोड़ रुपये डकारे थे. ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. यह घोटाला मेरठ के महावीर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में हुआ था. धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि इन शिक्षण संस्थानों की प्रबंधन कमेटी से उनका कोई नाता नहीं है. 

इस घोटाले की जांच में पता चला कि लगभग 47 प्रतिशत लाभार्थी या तो परीक्षा में फेल हो गए थे, या अनुपस्थित रहे, या उनका पता नहीं चल सका या फिर तय पात्रता शर्तों को पूरा न करने के बावजूद उन्हें विशेष अनुदान मिलता रहा. प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार (15 जून 2026) को ये जानकारी दी. ईडी 2020 से धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत इस मामले की जांच कर रही है.

छात्रवृत्ति के पैसे में हुई हेरफेर

ईडी ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज उस प्राथमिकी का संज्ञान लिया, जो 2011-12 से 2016-17 के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के लिए मैट्रिक के बाद दी जाने वाली छात्रवृत्ति को धोखाधड़ी से हासिल करने और उसका दुरुपयोग करने से संबंधित थी. 

ईडी ने एक बयान में कहा कि जांच के तहत उसने हरिद्वार और रुड़की में 13.83 करोड़ रुपये की संपत्ति जैसे सावधि जमा, जमीन और शैक्षणिक/संस्थागत इमारतें कुर्क करने का छठा आदेश जारी किया था. जांच में पाया गया कि छात्रवृत्ति के 6,208 दावों में से 2,895 (46.63 प्रतिशत) फर्जी थे.  एजेंसी ने कहा कि इस धोखाधड़ी के कारण राज्य सरकार को नुकसान हुआ. आरोपी व्यक्तियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को गैर-कानूनी फायदा हुआ.

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