चारा पत्ती लेने गई महिलाओं का चालान, पुलिस ने गठ्ठर उतरवाए

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चमोली के पीपलकोटी विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के डंपिंग जोन से चारा पत्ती लेकर आ रही महिलाओं को पुलिस और सीआईएसएफ ने रोक लिया। महिलाओं का चालान भी काटा गया है। आरोप ही इन्होंने परियोजना के प्रतिबंधित इलाके से चारा पत्ती काटी। वहीं सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला भी सामने आया है।


दरअसल रविवार को उत्तराखंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें चारा पत्ती का गठ्ठर लादे एक महिला को पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों ने घेर रखा है। महिला पुलिसकर्मी बार बार महिला के चारा पत्ती के गठ्ठर को उतारने की कोशिश कर रही है।देखते ही देखते ये वीडियो वायरल हो गया और पुलिस और सीआईएसएफ के रवैए पर सवाल उठने लगे।


इसी दौरान अब इस संबंध में नई खबरें सामने आईं हैं। बताया जा रहा है कि ये वीडियो पीपलकोटी विष्णुगाड परियोजना का है। इन महिलाओं पर आरोप है कि ये महिलाएं परियोजना के डंपिंग जोन में चली गईं और वहां से चारा पत्ती काट ली। इसके बाद पुलिस और सीआईएसएफ ने इन महिलाओं को रोक लिया और चारा पत्ती का गठ्ठर जब्त करने लगे। इसके साथ ही प्रतिंबंधित क्षेत्र में जाने पर दंड का भी प्रावधान है लिहाजा पुलिस महिला को जीप में बैठाने की कोशिश कर रही थी।


इसके बाद पुलिस ने जबरन इन महिलाओं को अपनी गाड़ी में बैठाया और जोशीमठ थाने लेकर पहुंची। इसके बाद इन सभी का 250-250 का चालान काटा गया और इसके बाद उन्हें रिहा किया गया।


बताया जा रहा है कि हेलंग के कुछ इलाकों में टीएचडीसी ने डंपिंग जोन बना रखा है। यहां आना जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। जबकि आसपास के लोगों का कहना है कि ये उनके पशुओं के लिए चरने की जगह और इसी भूमि से उन्हें जानवरों के लिए चारा भी मिलता है। लेकिन टीएचडीसी इस इलाके में किसी को जाने नहीं देती है।


हालांकि पुलिस ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि जिस क्षेत्र से चारा पत्ती इकट्ठा की गई वहां कई विकास योजनाएं प्रस्तावित हैं। कुछ परिवारों ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है।


फिलहाल उत्तराखंड में महिलाओं के साथ पुलिस और सीआईएसएफ के इस बर्ताव को लेकर खासी चर्चाएं हो रहीं हैं।

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