नियुक्ति पाकर जॉइनिंग को आ रही शिक्षिका की सड़क दुर्घटना में मौत परिवार के सपने हुए चकनाचूर

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चौखुटिया एसकेटी डॉटकॉम

किस्मत किसी के साथ क्या खेल खेलते यह कहा नहीं जा सकता नियति का खेल कभी भी कैसा क्रूर मजाक कर लेता है यह तो चौखुटिया मासी रोड के पास एक दुर्घटना में जान गंवाने वाली नवनियुक्त शिक्षिका का परिवार ही जान सकता है। परिवार में पहली बार किसी सदस्य की सरकारी नौकरी लगी तो परिवार मानव खुशी से झूम गया लेकिन यह खुशी कितनी छोटी थी कि अभी बिटिया ने जोइनिंग भी नहीं ली थी कि इससे पहले ही काल के क्रूर हाथों से उसकी मौत ही से जॉइनिंग हो गई।

सितारगंज के अंजनियां निवासी शिक्षका सरिता राणा की हादसे में हुई मौत ने उनके परिवार की खुशियां छीन ली हैं। खेती किसानी कर किसी तरह जीविकोपार्जन कर रहे परिवार के लिए सरिता की शिक्षिका के पद पर नियुक्ति किसी बड़े सौगात से कम नही थी। सरिता को सरकारी नौकरी मिलने पर गरीबी का दंश झेल रहे परिवार को बड़े सहारे की उम्मीद थी, परंतु विधाता की गति न्यारी है उसके आगे सभी बेवश व लाचार हैं l जो परिजन उसे नई तैनाती स्थल पर खुशी खुशी विदा करने आए थे उन्हें क्या पता था कि यह काल कल्वित सफर उनकी लाड़ली की अंतिम विदाई साबित होगा l
सरिता राणा के पिता रामभरोसे काफी बुजुर्ग है

जानकारी के मुताबिक वह अपने जीजा मुकेश सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर चौखुटिया से 3 किलोमीटर आगे डांग के लिए आ रही थी तथा उसका भाई दूसरे वाहन में सामान भील ला रहा था इसी बीच मासी से चौखुटिया की ओर आ रहे डंपर यूके 07 सी 5168 से बचने के लिए उसके जीजा ने ब्रेक मारा तो शिक्षिक गिरकर डंपर की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। डंपर चालक मौके से फरार हो गया मानो उस परिवार पर वज्रपात हो गया जिसके परिजन पहली नौकरी पाने के बाद अपनी स्थिति सुधरने की उम्मीद कर रहे हो यह स्थिति सुधारने से पहले ही उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो गई ।

चौखुटिया के चौकी प्रभारी दिनेश नाथ महंत ने मृतिका केशव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा इस घटना के लिए पीड़ित परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनसे जो मदद होगी वह जरूर करेंगे।

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