सैन्य धाम का बखान करने वाली भाजपा शहीद सैन्य परिवारों को मिलने वाली सहायता के बीच इस तरह से अटका रही है रोड़े :करण महरा

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण महरा ने सैन्य धाम का बखान  करते न थकने वाली भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में कांग्रेस की तत्कालीन केंद्रीय सरकार ने युद्ध और आंतरिक सुरक्षा के दौरान शहीद होने वाले सैनिकों के परिजनों के लिए एक सहायता राशि की की घोषणा की थी

जिसमें शहीद की पत्नी और उसके परिजनों को सहायता राशि मिलनी थी यह सहायता राशि में सैनिक की पत्नी को छह लाख और उसके परिजनों माता-पिता को ₹4लाख मिलने थे यदि किसी सैनिक की पत्नी नहीं है तो पूरी राशि उसके उसके माता-पिता और माता-पिता नहीं होने पर पूरी राशि उसकी पत्नी को दिए जाने की बात कही गई थी.

प्रेस वार्ता में अपने विचार रखते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण महरा


लेकिन भाजपा सरकार ने इस मामले में पहले हाईकोर्ट में ले गई जहां सैनिक परिवारों  के पक्ष में निर्णय आया. इसके बाद भी सरकार का मन नहीं भरा तो वह हाई कोर्ट के डबल बेंच में चली गई डबल बेंच ने यह मामला सैनिक परिवारों के पक्ष में आ गया इसके बाद भी सरकार यहीं नहीं रुकी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चली गई है.

भाजपा का सैनिक प्रेम और सैन्य धाम का खोखला  प्रेम सामने आ गया.


करण महरा ने हल्द्वानी में प्रदेश प्रवक्ता दीपक बलुटिया के कैंप कार्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए उक्त बात कही उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी हमेशा सेना के साथ होने और उनके साथ होली दीपावली मनाने के लिए तो जाते हैं लेकिन सैनिक परिवारों के लिए की गई इस व्यवस्था के खिलाफ रही हैं.

माननीय न्यायालय में दो बार पराजित होने के बाद भी  सरकार इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गई है जो की काफी निंदनीय है और इससे भाजपा का चेहरा सामने आ जाता है. उन्होंने धामी सरकार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई की जांच के आदेश के खिलाफ तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकारद्वारा सुप्रीमकोर्ट में दाखिल  की गई विशेष याचिका वापस लेने की बात कही थी लेकिन भाजपा के आलाकमान द्वारा जो कि अपने नेता को बचाने के लिए धामी सरकार को इस निर्णय को पलटने को कहा. करण  ने कहा कि सरकार ने भाजपा और संघ के लोगों को बचाने का काम करना है

अंकिता हत्याकांड मामले में जहां लोगों को बताया जाता है कि वहां से सारे साक्ष्य ले लिए गए हैं एस आई टी कोर्ट में यह नहीं बता पाई की साथी उसे कब इकट्ठे किए और कब उन्हें कोर्ट में पेश करेगी .

इसी तरह से है धन के भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व सी एम त्रिवेंद्र रावत को भी बचाने का भरसक प्रयास कर रही है इसीलिए धामी को जिसे याचिका वापस लेने से रोक दिया गया. पत्रकार वार्ता में ललित जोशी कार्यकारी जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, जिलाध्यक्ष  सतीश नैनवाल, हेमंत सिंह बगड़वाल हरीसिंह मेहता, जगमोहनचिलवाल, शोभा बिष्ट पुष्पा नेगी रत्ना श्रीवास्तव,समेत कई लोग मौजूद रहे

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