बड़ा राजनीतिक एक्शन! कांग्रेस के 8 और भाजपा के 12 जिलाध्यक्षों पर गिर सकती है गाज

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दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है। कांग्रेस आठ जिलाध्यक्ष बदलेगी, जबकि भाजपा भी कमजोर प्रदर्शन वाले 12 जिलाध्यक…और पढ़ें

दतिया उपचुनाव के बाद बड़ा राजनीतिक एक्शन! कांग्रेस के 8 और भाजपा के 12 जिलाध्यक्षों पर गिर सकती है गाज
दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा प्रदेश संगठन में कसावट का दौर शुरू। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. कांग्रेस आठ जिला अध्यक्षों को जल्द कार्यमुक्त कर सकती है।
  2. भाजपा भी 12 जिलाध्यक्ष बदलने की तैयारी में जुटी है।
  3. कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी का भी जल्द पुनर्गठन करेगी।

भोपाल। दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा प्रदेश संगठन में कसावट का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस कई जिला अध्यक्षों के साथ-साथ प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव करेगी। आठ जिला अध्यक्ष चिह्नित कर लिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का भी पुनर्गठन किया जाएगा। इसमें ऐसे लोगों को बाहर किया जाएगा, जो निष्क्रिय हैं।

भाजपा में भी हटाए जा सकते हैं 12 जिलाध्यक्ष

उधर, भाजपा भी 12 जिला अध्यक्षों को हटा सकती है। जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने से दतिया के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह हटाए जा चुके हैं। बालाघाट के जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के स्वजन चावल घोटाले में फंसे हैं। इसी तरह कुछ अन्य जिलों के जिलाध्यक्ष कमजोर प्रदर्शन के चलते हटाए जाएंगे। दोनों ही पार्टियां ऐसी कमजोर कड़ियों को चिह्नित कर रही हैं, जिनके कारण संगठन का काम जिलों में प्रभावित हो रहा है।

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान और समीक्षा

  • कांग्रेस ने भाजपा से मुकाबला करने के लिए संगठन को सशक्त बनाने संगठन सृजन अभियान चलाया था। इसके तहत रायशुमारी करके जिला अध्यक्ष बनाए गए। इन्हें काम करने के लिए फ्री हैंड भी दिया गया मगर कुछ जिलों में प्रदेश इकाई द्वारा दिए गए काम नहीं हुए।
  • अखिल भारतीय कांग्रेस ने अ, ब और स श्रेणी में जिला अध्यक्षों को रखकर समीक्षा की। इसमें आठ जिला अध्यक्षों का काम संतोषजनक नहीं पाया गया। इनमें आगर मालवा, डिंडौरी, सिंगरौली, रायसेन, आलीराजपुर, ग्वालियर ग्रामीण शामिल हैं।

चुनावी तैयारियों में जुटे नेताओं से लिया जा सकता है प्रभार

  • डिंडौरी के जिला अध्यक्ष विधायक ओमकार सिंह मरकाम हैं। उन्हें चुनाव लड़ना है और पूरा समय उसी तैयारी में लगा रहे हैं। आलीराजपुर के जिला अध्यक्ष मुकेश पटेल पहले भी त्यागपत्र दे चुके हैं, जिसे प्रदेश इकाई ने अस्वीकार कर दिया था।

सूत्रों का कहना है कि कुछ वे जिला अध्यक्ष भी बदले जा सकते हैं, जिनका उपयोग पार्टी को प्रदेश स्तर पर करना है। इसमें सतना के सिद्धार्थ कुशवाह शामिल हैं। सिद्धार्थ ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं। दतिया उपचुनाव में इनकी बड़ी भूमिका रही है। इसी तरह विधायक जयवर्धन सिंह गुना और प्रियव्रत सिंह राजगढ़ जिला अध्यक्ष हैं। इन सभी को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना और दूसरों का लड़वाना भी है।

प्रदेश कार्यकारिणी का होगा पुनर्गठन

  • वहीं, 253 सदस्यीय भारी भरकम प्रदेश कार्यकारिणी के अधिकतर सदस्य अपने क्षेत्र में भी सक्रिय नहीं हैं। इनकी जगह नए चेहरों को अवसर दिया जाएगा। पुनर्गठन का यह काम दो-तीन माह के भीतर किया जाएगा। कमोबेश यही स्थिति भाजपा में भी है।
  • कुछ जिला अध्यक्षों का प्रदर्शन कमजोर आंका गया है। प्रदेश इकाई ने कुछ समय पहले जिला अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा भी की थी। इसमें पाया गया कि उनके जिलों में बूथ सशक्तीकरण सहित संगठन द्वारा दिए गए अन्य कार्यों में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए।

अवधेश नायक को मिला इनाम

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव बनाया गया है। चुनाव के दौरान उनसे यह वादा किया गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया।

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