RBI का बड़ा फैसला!, ₹15,000 से ऊपर की पेमेंट के लिए बदले गए नियम

भारतीय रिजर्व बैं क(RBI) ने एक बड़ा फैसला लिया है। देश में दिजिटल भुगतान को और भी ज्यादा सुरक्षित करने के लिए आरबीआई ने नई गाइडलाइंस जारी की है। ‘डिजिटल भुगतान – ई-मैंडेट फ्रेमवर्क, 2026′ का असर सीधा उन यूजर्स पर पड़ेगा जो ओटीटी सब्सक्रिप्शन, बिल भुगतान और बीमा प्रीमियम आदि सेवाओं के लिए ऑटो-डेबिट’ सुविधा का उपयोग करते है।
RBI का बड़ा फैसला!
दरअसल आरबीआई ने कुछ नियमों को बदला है। जिसके तहत आवर्ती भुगतान (Recurring Payments) जैसे नेटफ्लिक्स, जिम सदस्यता आदि के लिए प्रमाणीकरण सीमा तय की गई है। अब ₹15,000 तक का ऑटो-डेबिट लेनदेन बिना ओटीपी (OTP) के पूरे हो जाएंगे।
₹15,000 से ऊपर की पेमेंट के लिए बदले गए नियम
लेकिन जैसे ही पेमेंट 15000 से ज्यादा का होगा, सिस्टम को एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी ओटीपी के लिए ग्राहक की मंजूरी लेगा। आरबीआई का ये कदम लेनदेन में बढ़ रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है।
विशेष श्रेणियों में ₹1 लाख की छूट
हालांकि कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों के लिए रिजर्व बैंक ने इस सीमा में छोड़ी ढ़िलाई छोड़ी है। म्यूचुअल फंड निवेश, बीमा प्रीमियम भुगतान और क्रेडिट कार्ड के बिलों के भुगतान के लिए इस सीमा को बढ़ाकर ₹1,00,000 किया है। यानी इन बिलों के भुगतान के लिए आप बिना ओटीपी एक लाख तक की पेमेंट कर सकते है।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें



खनन एवं वन विभाग की जुगलबंदी से अस्तित्व में आएगा संजीवनी वन