विधानसभा भर्ती घोटाला-जिस विश्वास के साथ युवाओं ने किया भाजपा पर भरोसा, माननीयों ने लगाया साख पर बट्टा

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देहरादून एसकेटी डॉट कॉम

जिस विश्वास के साथ भारतीय जनता पार्टी को युवाओं ने नरेंद्र मोदी के नाम पर लगातार दो बार सत्ता में बिठाया वह भरोसा लगता है विधानसभा में अपनों को बांटी गई रेवडियो से चकनाचूर हो गया. मोदी के इस नारे को ना तो मैं खुद खा लूंगा ना किसी को खाने दूंगा को उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने अपनों को और सिर्फ अपनों को ही नौकरी देंगे में बदल दिया.

इसके अलावा यूके एसएससी पेपर लीक घोटाले ने रही सही कसर भी पूरी कर दी इन घोटाले बाजों के जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और उनसे जुड़े हुए लोगों से तार मिले हुए हैं उससे युवाओं में भारतीय जनता पार्टी के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. प्रदेश का युवा अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है जिस पार्टी पर भरोसा करके उसने प्रदेश में डबल ही नहीं लगभग ट्रिपल इंजन की सरकार थी उससे उसे लगा कि निश्चित रूप से उसका भविष्य सुरक्षित रहेगा लेकिन जिस तरह से भर्ती घोटालो को पेपर लीक के माध्यम से अंजाम दिया गया. और इनके तार अधिकांशत भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से जुड़े हुए लोग मिल रहे हैं उससे निश्चित रूप से युवाओं के मन में पार्टी के प्रति जो विश्वास क्या हुआ है चकनाचूर होने लगा है.

वहीं इस मामले में विपक्ष द्वारा सीबीआई की जांच की मांग की जा रही है प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर प्रदेश का युवा टकटकी लगाए खड़ा है कि सीबीआई की जांच हो और अब तक की भर्तियों में जो भी संलिप्तता पाई गई है उन सारी भर्तियो के माध्यम से नौकरी लगे लोगों को नौकरी से हटा कर उनसे अब तक के वेतन की वसूली कराई जाए और इसके अलावा उन पदों पर ने और स्वच्छ तरीके से भर्ती कराई जाए ताकि उत्तराखंड का मूल निवासी अपने आप को इस देवभूमि का नागरिक समझ सके.

जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के मंत्री द्वारा विभिन्न विभागों में बिहार से आए लोगों को नौकरी दी गई और उनका फर्जी तरीके से वर्ष 2017 से 22 तक के प्रमाण पत्र बनाए गए और इन प्रमाण पत्रों की मदद से नौकरियां दी गई इन सभी को जेल की सलाखों में डालकर इन पदों पर उत्तराखंड के मूल निवासी लोगों को ही नौकरी पर रखा जाए

यहां के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के भ्रामक प्रचार की वजह से कांग्रेश को सत्ता से बाहर कर दिया तब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत दिया उसे उम्मीद थी कि कांग्रेस द्वारा किए गए घोटालों के के बाद उन्हें राहत मिलेगी और सही लोगों को रोजगार मिल सकेगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सिर्फ अपने और अपने ही पार्टी के लोगों को विधानसभा समेत कई जगह नौकरियां बांट दी उनमें आम जनमानस का कोई भी व्यक्ति नहीं है जो व्यक्ति इन नौकरियों के माध्यम से रोजगार पाए हैं वह किसी न किसी नेता का सगा संबंधी अथवा मंत्री और अधिकारियों के रिश्तेदार हैं.

जो बेरोजगार इन नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं उनमें से कोई भी व्यक्ति इन नौकरियों तक नहीं पहुंच पाया है. जिस तरह से कांग्रेस के समय यह आरोप लगाया गया कि विधानसभा अध्यक्ष ने अपने रिश्तेदारों को नौकरियां बाटी हैं लेकिन देखा जाए भारतीय जनता पार्टी ने उससे ज्यादा अपने मंत्रियों के रिश्तेदारों नेताओं के बेटों को नौकरियां दी है

आम लोगों की समझ में आ गया है कि जहां भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सत्ता हथिया ली थी थी वही उसने भी कांग्रेस से 10 कदम आगे बढ़कर वही काम किया जो कांग्रेस ने बहुत कम मात्रा में किया था कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष रहे गोविंद सिंह कुंजवाल के समय को फोकस किया है लेकिन उससे अधिक रेवडिया भाजपा ने बाटी है.

यूके ट्रिपल एससी के घोटालों की सीबीआई की जांच भारतीय जनता पार्टी की साख का सवाल बन गया है अगर भारतीय जनता पार्टी सीबीआई से जांच कराकर इन मामलों में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करती है तो निश्चित रूप से उत्तराखंड देव भूमि का युवा अपनी भूमिका को बदलने में भी समय नहीं लगाएगा भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा जिस तरह से पूरी मिलीभगत के साथ अपने नेताओं के रिश्तेदारों और चीजों को नौकरियां दी निश्चित रूप से उनमें सभी की संलिप्तता सामने आई है अगर समय रहते यूके ट्रिपल एससी के के भर्ती घोटालों से भर्ती हुए लोगों को नौकरी से बाहर नहीं किया गया तो इसका प्रदेश के युवाओं में गलत संदेश जाएगा

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