केंद्र व राज्य सरकार की उपेक्षा के चलते खुद को ठगा महसूस कर रही आशा वर्कर्स, इस दिन करेंगी हड़ताल

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राज्य में एक बार फिर से आशा हेल्थ वर्कर्स के द्वारा राष्ट्रीय हड़ताल की तैयारियां की जा रही है जानकारी के अनुसार बता दे 28-29 की राष्ट्रीय हड़ताल की तैयारी में ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की एक बैठक महिला चिकित्सालय के सम्मुख सम्पन्न हुई।बैठक को संबोधित करते ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा ने कहा कि, “मोदी शासन देश के मजदूर वर्ग व समूचे मेहनतकश अवाम के जीवन, जीविका और अधिकारों पर बेरोकटोक हमले चला रहा है। इसके खिलाफ देश के पूरे मजदूर वर्ग ने अपनी लड़ाई को निरंतर जारी रखते हुए 28-29 को संयुक्त रूप से राष्ट्रीय हड़ताल की घोषणा की है।”


उन्होंने कहा कि, “कोविड के खिलाफ फ्रंटलाइन वर्कर्स खासकर लाखों आशा कर्मियों ने सेवा की मिसाल पेश की लेकिन वे केंद्र और राज्य सरकारों की उपेक्षा के चलते अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। मोदी सरकार को तत्काल आशा वर्कर्स समेत सभी स्कीम वर्कर्स को वैधानिक न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी करनी चाहिए।”


बैठक में तय किया गया कि 28 मार्च को उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन द्वारा महिला अस्पताल के सामने से बुद्ध पार्क तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जायेगा और बुद्ध पार्क में हड़ताल के समर्थन में होने वाले संयुक्त कार्यक्रम में भागीदारी की जायेगी।

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बैठक में ऐक्टू नेता डॉ कैलाश, ऐक्टू नगर अध्यक्ष जोगेन्दर लाल, मुकेश जोशी, आशा यूनियन नगर अध्यक्ष रिंकी जोशी, सरोज रावत, प्रीति रावत, तबस्सुम, गीता जोशी, मंजू रावत, सरिता साहू, कमला बिष्ट, रेखा भट्ट, निर्मला तिवारी, मीना, शाइस्ता, जानकी थापा आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व ट्रेड यूनियन ऐक्टू कार्यकर्ताओं द्वारा रोडवेज स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल कार्यालय, तहसील परिसर, लेबर ऑफिस, महिला अस्पताल में हड़ताल के समर्थन में प्रचार प्रसार व पर्चा वितरण किया गया।

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