#neem karoli -कैंची धाम की लोकप्रियता का ठग उठा रहे लाभ, सचिव ने कही यह बात

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भवाली kaichi skt.com

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देवभूमि में हजारों आस्था के केंद्र हैं यहां की भोली भाली जनता इन आस्था केंद्रों पर दिल से विश्वास करती है तथा दिल से जुड़े हुए लोग हमेशा अपनी आस्था के चलते इन स्थानों पर होने वाले किसी भी घटना से अछूते नहीं रहते हैं ।

इसीलिए ऐसे लोग समाज में बड़ी संख्या में उभर कर आते हैं जो इन लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं और उन्हें ठगने का पूरा व्यवसाय चलते हैं ऐसा ही कुछ अब श्री नीम करोली बाबा मंदिर में भी होने लगा है जहां पर लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करके लोगों की जेबों पर डाका डाल रहे हैं।

आपकी कैंची धाम मंदिर के नीम करौली बाबा में आस्था है और आप दर्शनार्थ वहां जाना चा हते हैं तो सतर्क रहें ! कुछ लोग आपकी आस्था से खेलते हुए धोखाधड़ी कर रहे हैं। मंदिर परिसर के बाहर दान, प्रसाद व भंडारे के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। इसके अलावा कुछ लोग फर्जी वेबसाइट बनाकर मंदिर के नाम पर अवैध तरीके से चंदा उगाह रहे हैं। खुद मंदिर ट्रस्ट के सचिव ने मंदिर के नाम पर हो रही इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है।

मंदिर ट्रस्ट के सचिव आलोक चोपड़ा का आरोप है कि कुछ लोगों ने नकली रसीद बुक छपवा रखी हैं और वे इसे लेकर मंदिर के गेट, सीढ़ी और पुलिया पर अवैध वसूली शुरू कर रहे हैं। इसके अलावा ये लोग मंदिर का प्रसाद बांटने के नाम पर भक्तों और यात्रियों को धोखा देते हैं और भंडारे के नाम पर वसूली करते हैं। मंदिर ट्रस्ट के सचिव ने ये भी आरोप लगाया कि आरोपी वेबसाइट पर अकाउंट बनाकर सीधी-साधी जनता से मंदिर के लिए दान के नाम रुपये ऐंठ रहे हैं।

उनके अनुसार ऐसी शिकायत मिलने पर मंदिर ट्रस्ट ने सख्ती बरतते हुए ऐसे अपराधियों को मंदिर परिसर से बाहर कर ऐसी हरकतों से बाज आने को कहा और पुलिस और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

लोग खुद ही दे जाते हैं दान
चोपड़ा ने बताया कि मंदिर की तरफ से मंदिर के भीतर ही प्रसाद वितरित किया जाता है। मंदिर प्रबंधन या मंदिर से जुड़ा कोई भी व्यक्ति मंदिर के लिए या उसके नाम पर रुपये नहीं मांगते हैं। ये लोग मंदिर से किसी भी तरह से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मंदिर की सेवा के लिए लोग खुद ही दान देकर जाते हैं। इसी दान से मंदिर की सभी व्यवस्थाएं चलती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर के नाम पर मंदिर के बाहर किसी को कुछ न दें।

नीम करोली बाबा ने किया था स्थापित
बताते चलें कि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में स्थित धार्मिक तीर्थस्थलों में से एक कैंची धाम आश्रम श्रद्धालुओं के बीच काफी मान्य है। प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा ने यहां रहकर एक आश्रम स्थापित किया था। यहां लोग आंतरिक शांति की तलाश में आते हैं और मंदिर में शीश नवा कर मनोकामना मांगते हैं।

कैंची धाम के मार्क जुकरबर्ग व स्टीव जॉब्स भी कर चुके दर्शन
कैंची धाम की महिमा इसी से समझी जा सकती है कि देश की क्रिकेट और मनोरंजन जगत की कई हस्तियां और देश-विदेश के दिग्गज कारोबारी नीम करोली बाबा के आश्रम में आकर मत्था टेक चुके हैं। आईटी की दुनिया की दिग्गज हस्तियां मार्क जुकरबर्ग व स्टीव जॉब्स भी यहां आ चुके हैं। कहा जाता है कि बाबा के आशीर्वाद से ही इनका भाग्य बदला।

कैंची धाम कैसे पहुंचें
कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भवाली व अल्मोड़ा बीच स्थित है। नैनीताल से 17 किमी दूर स्थित कैंची धाम में आप सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। दिल्ली से नैनीताल की दूरी लगभग 324 किलोमीटर है।सफर तय करने में करीब साढ़े 6 घंटे का वक्त लगेगा।

हवाई मार्ग से कैंची धाम से सबसे करीब 70 किमी दूर पंतनगर हवाई अड्डा है। कैंची धाम तक पहुंचने के लिए यहां से टैक्सी या बस मिल जाएगी। ट्रेन से कैंची धाम का सफर तय करना है तो निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है।

मंदिर दर्शन का सही समय
नीम करोली बाबा के आश्रम जाने के लिए सही समय मार्च से जून तक का समय उपयुक्त रहेगा। इसके अलावा सितंबर से दिसंबर के बीच भी कैंची धाम घूमने जा सकते हैं। जुलाई-अगस्त में आने से बचें, क्योंकि मानसून के कारण पहाड़ी क्षेत्र में रास्ते जगह-जगह टूट सकते हैं।