कमिश्नर के एक्शन से नगर प्राधिकरण में मचा हड़कंप

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

कमिश्नर दीपक रावत ने हल्द्वानी में व्यवसायिक भवनों की फाइलें बंद होने को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण सचिव उपसचिव से जवाब मांगा है जिसके बाद 309 बंद फाइलें अब खुलने का इंतजार कर रही है। लोगों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर जिन फाइलों में तारीख इन लगनी थी वह फाइलें बंद क्यों रखी गई

प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने हालांकि शुक्रवार को ही छुट्टी के बाद चार संभाला है अब कई फाइलें खुलने और उनकी रिपोर्ट कमिश्नर तक पहुंचने की उम्मीद बनी है जब कमिश्नर ने सील हुए कई भवनों पर कार्य होते हुए देखा तो नगर प्राधिकरण ने आनन-फानन में कई व्यवसायिक भवनों में सील कर दिए अब ऐसे भवनों को अब फील होना पड़ा है उनकी रिपोर्ट भी कमिश्नर बन सकते हैं आखिर इन भवनों में क्या कमियां थी जिसकी वजह से इन्हें सील करना पड़ा और अगर इनमें कमियां थी तो उन्हें कैसे बनने दिया गया।

जिला विकास प्राधिकरण में कुमाऊं कमिश्नर के छापे के बाद पता चला हैं की पिछले चार साल में प्राधिकरण ने भ्रष्टाचार से संबंधित 309 से अधिक फ़ाइल डंप की हैं, अन्य फ़ाइलों कों खोलकर नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरु की गयी हैं।
कुमाऊं कमिश्नर ने ये सारी फ़ाइल की रिपोर्ट तलब की हैं। बताया जा रहा हैं की मानको कों ताक पर रखकर बनाये गये व्यवसायिक प्रतिष्ठानो से सभी फ़ाइल जुड़ी हुई हैं, कमिश्नर दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण के सचिव और संयुक्त सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है।

प्राधिकरण से सभी जुडी फ़ाइल कब, किसने और क्यों बंद की इसकी जाँच चल रही हैं और संबंधित अधिकारियो कों कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है, यही नहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी से प्राधिकरण की फाइलों की नोटशीट बनवायी जा रही थी।

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