ट्रेन की चपेट में आने से दो हाथियों की मौत मामले में लोको पायलट पर हुआ मुकदमा दर्ज

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हल्द्वानी। गत दिवस पूर्व दो हाथियों के ट्रेन से कटकर मरने वाले मामले में वन विभाग ने ट्रेन लोको पायलट के ऊपर मुकदमा दर्ज कर लिया है जानकारी के अनुसार बता दें कि आगरा से चलकर रामनगर को जाने वाली 05055 रामनगर आगरा फोर्ट ट्रेन की चपेट में आने से मादा बच्चे सहित हथिनी की टकराकर दर्दनाक मौत के मामले में वन विभाग ने उपरोक्त ट्रेन के लोको पायलट के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।रेल प्रशासन ने 64 यात्रियों को विशेष बसों में व्यवस्था कर उनको गंतव्य तक भेजा घटना के बाद काशीपुर कासगंज रेल खंड पर कई ट्रेनों को निरस्त किया गया है।

वन संरक्षक पश्चिमी वृत राहुल कुमार ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग को इस रेलखंड पर अलर्ट मोड पर रखा गया है जबकि कम विजिबिलिटी वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां पर से पेड़ों को भी हटाने के प्रयास किए जाएंगे इसके अलावा ड्रोन की सहायता के साथ-साथ हुटर का भी इस्तेमाल करने के अलावा अति संवेदनशील स्थानों पर सोलर फेंसिंग लाइन भी बिछाने के प्रयास किए जाएगे, उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आगरा फोर्ट रामनगर एक्सप्रेस के लोको पायलट विशेष चंद्र के खिलाफ वन संरक्षण की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को लालकुआं से अपने निर्धारित समय पर चली 05055 आगरा रामनगर एक्सप्रेस ट्रेन रेलवे स्टेशन से जैसे ही सुबह सिडकुल रेलवे स्टेशन से तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपल पड़ाव रेंज में पहुंची तभी अचानक रेल पटरियों को पार कर रहे हाथियों के झुंड ट्रेन की चपेट में आ गया जिसमें दोनों मादा हाथियों की टकराकर दर्दनाक मौत हो गई इस घटना के बाद वहां पर घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा।घटना के बाद मौके पर पहुंची प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय डॉक्टर अभिलाषा सिंह एवं उप प्रभागीय वन अधिकारी ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने पहुंच कर कर्मचारियों की सहायता से हवाई फायर करवा कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।

इस बीच डॉक्टर आयुष उनियाल, हिमांशु पांगती, की टीम ने घटनास्थल पर ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर वन विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन के माध्यम से दोनों शवों को दफना दिया।तराई केंद्रीय वन प्रभाग के उप प्रभागीय वन अधिकारी ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने बताया कि वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ट्रेन के लोको पायलट विशेष चंद्र के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2006 की धारा 2,9, 39, 50, 51, 57 के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है,। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना होने के लिए वन विभाग एवं रेलवे की संयुक्त टीम रात में गश्त करेंगी वहीं वन विभाग ने मंडल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे इज्जत नगर को पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है कि पूर्व में दोनों विभागों की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट के अनुसार लालकुआं गूलरभोज रेल लाइन पर गति सीमा सीमित रखने हेतु जो प्रस्ताव भेजा गया था जो अभी तक लंबित है इस हेतु रेल मंडल प्रबंधक को अभिलंब मूर्त रूप देने हेतु पत्र लिखा जा रहा है।

इस घटना के चलते 05051 को लालकुआं से इंजन भेज कर वापस लालकुआं लाया गया जिसके चलते यह ट्रेन लालकुआं से 4 घंटा 40 मिनट विलंब के साथ दोबारा काशीपुर के लिए रवाना हुई। इस घटना से 05335 गूलरभोज से कासगंज के बीच निरस्त की गई जबकि 05351 लालकुआं काशीपुर के मध्य डेमू ट्रेन को निरस्त कर दिया गया इसके अलावा 05336 कासगंज काशीपुर के मध्य भी निरस्त की गई । घटना के बाद मौके पर पहुंचे रेलवे सुरक्षा बल लालकुआं पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक बीके सिंह ने बताया कि 64 यात्रियों को बसों से उनके गंतव्य तक रवाना किया गया।

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