14 की उम्र में घर से भागी, 17 में बनी मानव तस्कर; किशोरियों से देह व्यापार कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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दिल्ली पुलिस ने तीन राज्यों में फैले एक बड़े मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसकी सरगना 14 साल की उम्र में घर से भागी एक नाबालिग निकली। …और पढ़ें

मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़। (सांकेतिक तस्वीर)
मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़। (सांकेतिक तस्वीर)

दक्षिणी दिल्ली। नशा तस्करी गिरोह चलाने वाली महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी करने वाले गिरोह का भी भंड़ाफोड़ किया है। तीन महीने की जांच और तीन राज्यों की छापेमारी के बाद पुलिस गिरोह के सरगना के तक पहुंचकर हैरान रह गई।

नाबालिग रहते किशोरियों की तस्करी का खड़ा कर दिया साम्राज्य

महज 14 वर्ष की उम्र में घर छोड़कर भागी किशोरी ने अगले तीन वर्षों में दिल्ली से लेकर राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक में मानव तस्करी का पूरा साम्राज्य खड़ा कर दिया। निम्न आयवर्ग की वो किशोरियां, जो सोशल पर सक्रिय रहतीं, उन्हें दूसरे राज्यों में अच्छी नौकरी, रहने की जगह और बढ़ियां पैसों का झांसा दिया जाता।

छापेमारी कर 12 किशोरियों को छुड़ाया

घर से भागकर पहुंचने पर सच्चाई पता लगती। लौटने पर परिवार की ओर से अपनाने से इनकार के डर के बीच किशोरियां स्पा सेंटर या देह व्यापार के दलदल में ढकेल दी जातीं। पुलिस ने मामले में गिरोह की सरगना समेत सात लोगों को पकड़ा है। वहीं तीनों राज्यों से कुल 12 किशोरियों का गिरोह के चंगुल से छुड़ाया गया।

सोशल मीडिया के माध्यम से करती संपर्क

दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक इसकी शुरुआत नौ मई को अंबेडकर नगर थाने में दर्ज एक 15 वर्ष की नाबालिग के गुमशुदगी से हुई। जांच के दौरान पता चला कि उसे सोशल मीडिया पर अच्छी कमाई वाली नौकरी, आकर्षक वेतन और बेहतर जीवनशैली का लालच देकर फंसाया गया था। वह सोशल मीडिया पर एक किशोरी के संपर्क में थी और दोनों एक साथ घर से भागने वाली थीं।

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तकनीकी निगरानी और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण से उसके गुजरात के कच्छ जिला स्थित मुंद्रा पोर्ट के पास होने की जानकारी मिली। दिल्ली पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और मुंद्रा में टीजीआर होटल में चल रहे स्पा से नाबालिग को बचाया।

वहीं स्पा सेंटर मालिक दमानी सुशील हरेश उर्फ सुशील, रिसेप्शनिस्ट लक्ष्य और दो नाबालिग किशोरियों को पकड़ा। वहां से मिले सबूतों के आधार पर 23 मई को उत्तर प्रदेश के बलिया में रेलवे स्टेशन मेलोडी स्पा सेंटर में छापेमारी कर सात किशोरियों को बचाया और सेंटर संचालक मोनू शर्मा व संजीव मौर्य उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया।

इसके बाद दिल्ली के गणेश नगर स्थित एक घर से दो किशोरियों को बरामद करते हुए आरोपित खुशी उर्फ पूजा को गिरफ्तार किया गया। मामले में एक राज्य से दूसरे राज्य तक किशोरियों को ले जाने वाला आरोपित प्रिंस फरार चल रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने राजस्थान में भी कुछ किशोरियों को भेजा था। उनका पता लगाने के साथ ही मामले में आगे की जांच की जा रही है।

गुजरात में पकड़ी गई दोनों किशोरियां दक्षिणी दिल्ली की

गुजरात के मुंद्रा में टीजीआर होटल में चल रहे स्पा से बरामद दोनों आरोपित किशोरियां भी दक्षिणपुरी की रहने वालीं हैं। सोशल मीडिया पर दोनों ने अंबेडकर नगर की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी व उसकी सोशल मीडिया दोस्त से संपर्क किया था।

हालांकि दोनों स्वयं भी इसी तरह गिरोह के झांसे में आईं थी। किशोर न्याय बोर्ड ने भी दोनों को पीड़ित माना। दोनों को मिलाकर दिल्ली पुलिस ने कुल 12 किशोरियों को गिरोह से बचाया।

गिरफ्तार आरोपितों का प्रोफाइल

  • दमानी सुशील हरेश उर्फ सुशील (कच्छ, गुजरात): मुंद्रा में स्पा का मालिक।
  • लक्ष्य (मोहन गार्डन, दिल्ली): सोशल मीडिया के जरिए कमजोर स्थिति वाली किशोरियों को संपर्क करता था।
  • विनय उर्फ महादेव (मादीपुर, पश्चिमी दिल्ली): दिल्ली में ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह और बाकी के सामान का प्रबंध करता।
  • मोनू शर्मा (अंबेडकर नगर, दिल्ली): बलिया के मेलोडी स्पा सेंटर का संयुक्त संचालक।
  • संजीव मौर्य उर्फ सोनू (बलिया, उत्तर प्रदेश): बलिया के मेलोडी स्पा सेंटर का संयुक्त संचालक व स्थानीय कोऑर्डिनेटर।
  • -खुशी उर्फ पूजा (गणेश नगर, दिल्ली): गिरोह के मुख्य सेंटर का करती थी संचालन।
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