राज्य गठन के बाद यहां पर पहली बार होगी वोटिंग, चुनाव के लिए ग्रामीणों खासा उत्साह

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देश के प्रथम गांव माणा में राज्य गठन के बाद पहली बार वोटिंग होगी। प्रथम गांव माणा में रहने वाले भोटिया जनजाति के लोग इस साल पहली बार अपने पैतृक गांव में मतदान करेंगे। इसके साथ ही माणा गांव में पहली बार ईवीएम पहुंचेगी। चुनाव के लिए ग्रामीणों में खासा उत्साह बना हुआ है।

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उत्तराखंड के गठन के बाद माणा गांव में इस साल पहली बार वोटिंग होगी। ग्रामीण पहली बार अपने पैतृक गांव में वोट देंगे। बता दें कि नीति और माणा घाटी में भोटिया जनजाति के लोग रहते हैं। शीतकाल में भारी बर्फबारी के चलते ये निचले इलाकों में चले जाते हैं। जबकि गर्मियों में ये लोग फिर अपने गावों में लौट आते हैं। शीतकाल में माणा गांव के ग्रामीण घिंघराण गांव में रहते हैं। जबकि नीति घाटी के लोग देवलीबगड़, बिरही, नंदप्रयाग और तेफना आदि गांवों में रहते हैं।

3,884 मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग
माणा गांव के प्राथमिक विद्यालय भवन को जिला निर्वाचन कार्यालय ने पोलिंग बूथ बनाया है। इन दिनों प्राथमिक विद्यालय भवन की मरम्मत की जा ही है। माणा के साथ नीति घाटी के लोग भी पहली बार अपने पैतृक गांवों के मतदान केंद्रों में मतदान करेंगे। बता दें कि नीति घाटी और माणा में 3,884 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

विस उपचुनाव के लिए होगी वोटिंग
आपको बता दें कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि चारधाम यात्रा के दौरान यहां पर विधानसभा उपचुनाव हो रहा है। बद्रीनाथ विधायक के इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। नीति घाटी में सुरांईथोटा से नीति तक नौ गांव हैं। जबकि माणा घाटी की बात करें तो माणा गांव माइग्रेशन वाला है। पहली बार अपने पैतृक गांव में मतदान करने को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।