आवारा पशुओं की पहरेदारी में लगे ग्रामीण, खड़ी फसल को बचाने के पड़े लाले, शासन -प्रशासन विभाग ने की अनदेखी

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

एक ऒर महंगाई की मार तथा के अनुपलब्ध बीज, महंगें डीजल से किसान परेशान रहा है वही जब किसान ने अपनी फसल बो दी है अब उसके सामने इस फसल को बचाने के लाले पड़े हुए हैं.

ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़ रखे आवारा पशु इनकी फसलों को चट कर दे रहे हैं. महंगे बीज,महंगी खाद और सिंचाई के लिए मारामारी होने के बाद अब किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए रात भर पहरा देना पड़ रहा है.

हमारे प्रतिनिधि को जब सूचना मिली कि कालाढूंगी रोड पीपल पोखरा एवं फतेहपुर क्षेत्र में आवारा पशुओं ने किसानों की सिर दर्दी बढ़ा रखी है यह आवारा पशु खेतों में घुस जा रहे हैं तथा वहां पर खड़ी गेहूं की फसल जो अब बढ़ने लगी है को रात भर में चट कर दे रहे हैं

जिससे किसान परेशान है फतेह पुर -लामाचौड मार्ग पर कमला बैंकट हॉल के नजदीक ग्रामीण अपनी फसल बचाने के लिए खड़े देखें पता करने पर मालूम हुआ कि महेंद्र निगाल्टिया, डूंगर मेहरा, संजय कार्की, शिवराज कार्की और राजेंद्र जीना शामे आधा दर्जन से अधिक युवा हाथ में लाठी – डंडे तथा टॉर्च लेकर खेत के किनारे खड़े हुए मिले उनसे जब खड़े होने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं ने उनकी फसल कर दी है जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है इसलिए बाकी बची हुई फसल को बचाने के लिए इस तरह से पहरा दे रहे हैं.

पशुपालन विभाग और कृषि विभाग तथा बस उनको इस संबंध में संज्ञान लेना चाहिए इन किसानों को उनकी मेहनत का आगामी दिनों में कुछ लाभ मिल सके सरकार और विभागों की लापरवाही बनी रही तो निश्चित रूप से अगले कुछ वर्षों में लोग खेती करना छोड़ देंगे जिससे लोगों को भोजन मिलना भी दुर्लभ हो जाएगा और महंगाई सुर से सुर की तरह बढ़ती जाएगी. जिसका परिणाम श्रीलंका जैसी भूखमरी और महंगाई के रूप में आएगा.

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