Uttarakhand Weather: आज इन जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और हवाओं का अलर्ट; ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार

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देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राज्य के कई पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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Uttarakhand Weather Update 19 June 2026

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक, ओलावृष्टि और झोंकेदार तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार जताए गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमक सकती है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है और कई जगह तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में यात्रा करने वाले लोगों और ट्रैकिंग पर जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव

मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। जून माह में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना ने मौसम को और ठंडा बना दिया है। बदले मौसम का असर चारधाम यात्रा मार्गों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है।

देहरादून में दिनभर गर्मी, शाम को राहत की बारिश

गुरुवार को राजधानी देहरादून में सुबह से तेज धूप खिली रही, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आगे पढ़िए..

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हालांकि शाम के समय शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद उमस बढ़ने से लोग परेशान भी नज़र आए।

24 जून तक मौसम रहेगा सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आगामी 24 जून तक प्रदेश में मौसम का बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है और कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। ऐसे में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बैठक में बादल फटने की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने, पूर्व चेतावनी तंत्र को मजबूत करने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

भूस्खलन और जलभराव से निपटने की तैयारी

सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में संभावित भूस्खलन और शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भी तैयारी तेज कर दी है। बैठक में डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती और आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक संसाधनों और राहत व्यवस्थाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए।

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