इस केंद्रीय मंत्री को जान से मारने की धमकी, डाक से भेजे पत्र में मिले दो मोबाइल नंबर और कर्नाटक कनेक्शन
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नई दिल्ली स्थित उनके मंत्रालय के पते पर डाक से जान से मारने की धमकी …और पढ़ें
केंद्रीय मंत्री सह बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। नई दिल्ली में उनके मंत्रालय के पते पर डाक के माध्यम से धमकी भरा पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आने के बाद बेगूसराय नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
3 सितंबर को मंत्रालय के पते पर पहुंचा पत्र
पुलिस के अनुसार, तीन सितंबर को डाक के जरिए केंद्रीय मंत्री के मंत्रालय स्थित पते पर एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ था। पत्र में केंद्रीय मंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले की जानकारी केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव योगेंद्र सिंह ने बेगूसराय एसपी को दी।
थानाध्यक्ष के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी
एसपी कार्यालय से मिली सूचना के बाद नगर थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। चार सितंबर को नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु के बयान पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब पत्र भेजने वाले की पहचान और धमकी के पीछे के उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है।
पत्र में लिखी गई थी आतंकियों के नाम पर धमकी
पुलिस के मुताबिक, पत्र में अंग्रेजी भाषा में केंद्रीय मंत्री को धमकी दी गई है। इसमें आतंकियों का उल्लेख करते हुए जान से मारने की बात लिखी गई थी। पत्र की भाषा और उसमें दर्ज अन्य जानकारियों को पुलिस जांच का अहम हिस्सा मान रही है।
दो मोबाइल नंबर और कर्नाटक का पता भी दर्ज
धमकी भरे पत्र में दो मोबाइल नंबर अंकित किए गए हैं। इसके अलावा कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुर तालुका के एक गांव के निवासी के नाम और पते का भी उल्लेख है।
प्राथमिकी में पत्र भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति के साथ पत्र में दर्ज संबंधित नाम-पते और मोबाइल नंबरों को भी आरोपित किया गया है।
मोबाइल नंबरों से खुलेगा धमकी का राज?
पुलिस अब पत्र में दर्ज मोबाइल नंबरों और अन्य विवरणों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पत्र वास्तव में किसने भेजा और इसमें दर्ज नाम-पता व मोबाइल नंबर का धमकी से क्या संबंध है। जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
धमकी के पीछे क्या था मकसद, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि धमकी देने वाले का उद्देश्य क्या था और क्या पत्र भेजने वाला व्यक्ति वास्तव में पत्र में दर्ज पते या मोबाइल नंबरों से जुड़ा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपलब्ध सभी सुरागों की जांच कर रही है।
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