दिग्गज मंत्री की अपने ही गढ़ में बढ़ी मुश्किलें! BJP पार्षद ने पोस्टर से हटाई फोटो, आमंत्रण भी नहीं भेजा!

ADVERTISEMENTS
Ad
ख़बर शेयर करें

kailash vijayvargiya faces fresh setback as bjp councillor snubs him
दिल्ली में यमुना पर क्रूज सेवा का ट्रायल, CM रेखा गुप्ता ने…

राजनीति में भाजपा के अंदरूनी समीकरण एक बार फिर चर्चा में हैं। विधानसभा में नगरीय प्रशासन मंत्री और स्थानीय विधायक को लेकर एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।

ADVERTISEMENTS

इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा के अंदरूनी समीकरण एक बार फिर चर्चा में हैं। इंदौर की विधानसभा-1 में नगरीय प्रशासन मंत्री और स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय को लेकर एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। इस बार मामला वार्ड-7 की पार्षद भावना मनोज मिश्रा के दीपावली मिलन एवं उपहार वितरण समारोह से जुड़ा है। आयोजन के पोस्टर में स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर शामिल नहीं की गई। इतना ही नहीं, जानकारी के मुताबिक उन्हें कार्यक्रम का आमंत्रण भी नहीं भेजा गया। इस घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर चल रही कथित गुटबाजी और नेताओं के बीच बढ़ती दूरियों को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

पोस्टर से गायब तस्वीर ने खींचा राजनीतिक गलियारों का ध्यान

बुधवार को आयोजित दीपावली मिलन समारोह में जरूरतमंद परिवारों को त्योहार मनाने के लिए आवश्यक सामग्री वितरित की गई। पार्षद भावना मिश्रा पिछले करीब दस वर्षों से इस तरह का आयोजन करती आ रही हैं, लेकिन इस बार कार्यक्रम की चर्चा सामाजिक सरोकारों से ज्यादा उसके राजनीतिक संदेश को लेकर हो रही है।

आयोजन के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टरों में कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर नहीं दिखाई दी। वहीं कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता समेत कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। स्थानीय विधायक की गैरमौजूदगी और उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने की खबर ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।

पहले भी कई मौकों पर दिख चुकी है दूरी

भावना मिश्रा और उनके पति मनोज मिश्रा की विजयवर्गीय से दूरी का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले भी दोनों एक ऐसे घटनाक्रम को लेकर चर्चा में आए थे, जब कैलाश विजयवर्गीय अपनी विधानसभा के एक कार्यकर्ता के घर प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

बताया जाता है कि जिस क्षेत्र में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, वहां के पार्षद और उनके पति उस समय मौजूद नहीं थे। दोनों अपने कार्यालय में बैठकर कार्यक्रम सुन रहे थे। इस घटनाक्रम को भी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में असहजता के संकेत के रूप में देखा गया था।

 मन की बात कार्यक्रम से बिगड़े रिश्ते!

स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक विधानसभा चुनाव के बाद कैलाश विजयवर्गीय और पार्षद पति मनोज मिश्रा के बीच अच्छे संबंध थे। हालांकि, बाद में कुछ घटनाओं ने दोनों के बीच दूरी बढ़ा दी। चर्चा है कि विजयवर्गीय पार्षद के वार्ड के कंडिलपुरा क्षेत्र में लाला यादव के घर ‘मन की बात’ सुनने पहुंच गए थे, लेकिन इस कार्यक्रम में मनोज मिश्रा को आमंत्रित नहीं किया गया। इसे लेकर वे नाराज बताए जाते हैं।

इससे पहले भी मनोज मिश्रा आकाश विजयवर्गीय के सहयोगियों के हस्तक्षेप को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके थे। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने की बात भी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रही है।

विधानसभा-1 में क्या बदल रहे हैं भाजपा के सियासी समीकरण?

लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों ने इंदौर की विधानसभा-1 में भाजपा के भीतर आपसी तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर पार्टी नेताओं के बीच कथित नाराजगी के संकेत भी सामने आ रहे हैं।

अब पार्षद के कार्यक्रम में तस्वीर न होना, आमंत्रण नहीं मिलना और मंत्री की गैरमौजूदगी को महज संयोग माना जाए या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक नाराजगी है, यह आने वाले दिनों में साफ हो सकता है। फिलहाल दीपावली मिलन समारोह ने इंदौर भाजपा की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

ADVERTISEMENTS