उपचुनाव के लिए 21 जून को शुरू होगी नामांकन की प्रक्रिया, राजनीतिक पार्टियों ने कसी कमर

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भारत निर्वाचन आयोग ने आज देश के 7 राज्यों में 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनावों की घोषणा कर दी है। इन 13 विधानसभाओं में उत्तराखंड की दो विधानसभा मंगलौर और बद्रीनाथ सीट पर भी उपचुनाव होने हैं। इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा होते ही उत्तराखंड में एक बार राजनीतिक चर्चा तेज हो चुकी है और राजनीतिक पार्टियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।


भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तिथि तय करने के बाद उत्तराखंड निर्वाचन आयोग ने पीसी करते बताया कि भारतीय चुनाव आयोग ने देश के 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। जिसके लिए 14 जून को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

21 जून को शुरू होगी नामांकन की प्रक्रिया
उत्तराखंड की बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा सीट पर 10 मई को उपचुनाव के लिए मतदान किया जाएगा जबकि 13 जुलाई को मतगणना की जाएगी। उपचुनाव के प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया 21 जून को शुरू होगी। जबकि 26 जून को नाम वापसी की तारीख तय की गई है उत्तराखंड की बद्रीनाथ विधानसभा सीट पर 210 बूथ बनाए गए हैं जिन पर उपचुनाव के लिए मतदान किया जाएगा। जबकि मंगलौर विधानसभा सीट पर 132 बूथ बनाए गए हैं।

दो सीटों पर होनी है उपचुनाव की जंग
लोकसभा चुनावों जंग खत्म होते ही उत्तराखंड में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनावों की जंग होने जा रही है। सबसे पहले बात करते हैं मंगलौर विधानसभा की तो यहां के बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद सीट खाली हो गई थी। मंगलौर एक ऐसी सीट है जहां बीजेपी से अब तक कोई विधायक नहीं बन पाया है। 2002, 2007 और 2017 में कांग्रेस को यह सीट मिली तो 2012 और 2022 में बसपा को ये सीट मिली।

बद्रीनाथ सीट की बात करें तो यहां से कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह भंडारी ने लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे। जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। इस सीट पर 2002, 2012 और 2022 में कांग्रेस जीती तो 2007 और 2017 में बीजेपी जीती है। राजनीतिक पार्टियों ने उपचुनावों के लिए अपनी कमर कस ली है। पार्टियां अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही है।