केवीआर अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी को अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर देकर लगाई कार्यवाही करने की गुहार

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अस्पताल प्रशासन पर कई बार लोगों के द्वारा आरोप लगाया जाता है कि उनके मरीज के इलाज में लापरवाही की जा रही है और कई बार मरीज के साथ आए परिजनों का यह आरोप सही भी निकलता है एक ऐसा ही मामला उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र से सामने आ रहा है यहां पर गत 2 सितंबर पर केवीआर अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी को अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर देकर कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। बता दें कि अशोक कुमार वर्मा मुंडा कॉलोनी दुर्गा कॉलोनी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश ने पुलिस क्षेत्राधिकारी काशीपुर को तहरीर सोपी तहरीर में उन्होंने बताया कि उनके पुत्र का 14 अगस्त 202 को एक्सीडेंट हो गया था। जिसमें उनके द्वारा एबीएम अस्पताल ठाकुरद्वारा में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें काशीपुर के केवीआर अस्पताल में भर्ती कराए जाने की सलाह देते रेफर कर दिया। और अस्पताल की एंबुलेंस से सरवरखेड़ा में स्थित केबीआर अस्पताल में भर्ती करा दिया।

डॉक्टर पंकज डावर के द्वारा मुझे बताया गया कि आप के मरीज को बुखार बहुत आ रहा है उन्होंने बताया कि मैंने कहा कि आप डॉक्टर हैं आप देखिए कैसे उपचार करना है तो उपरोक्त डॉक्टरों ने उनके पुत्र का बुखार उतारने के लिए बर्फ से सिकाई की जिससे उनके पुत्र को निमोनिया हो गया जबकि दिल्ली के डाक्टरों के द्वारा हमें बताया गया कि उनकी पसलियों में फेफड़ों में गंभीर चोटें हैं जिसके कारण मेरे मरीज को सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर पंकज डावर व केवीआर प्रबंधन ने मेरे पुत्र का इलाज में घोर लापरवाही की परंतु मुझसे भरपूर पैसा लिया गया। जब दिमाग का ऑपरेशन करने के बाद भी मेरा मरीज की हालत सही नहीं हुई तो इन लोगों ने डॉक्टर पंकज डावर व प्रबंधन ने मुझसे कहा कि अब आप के मरीज को सांस नहीं आ रही है। इसके लिए हमें इसकी सांस की नली काटकर कृत्रिम नली डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जब नली काटने का विरोध किया गया। तो डॉक्टरों द्वारा उनके ऊपर प्रेशर बनाया गया। कि वह अस्पताल में रुपया जमा कराएं। अस्पताल में रुपया ना जमा कराने पर अस्पताल प्रशासन प्रबंधन ने एवं अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके पुत्र का उपचार करना बंद कर दिया जिसकी सूचना उनके द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी से की गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी डॉक्टरों ने एक ही बात कही कि पहले अस्पताल में रुपया जमा कराएं। उसके बाद ही मरीज का इलाज किया जाएगा। अन्यथा अपने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में ले जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि रात भर मरीज दर्द और पीड़ा से तड़पता रहा परंतु डॉक्टरों ने उनके पुत्र का उपचार नहीं किया। थक हार कर अगले दिन सुबह जब अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस की नहीं मानी तो उन्होंने अपने मरीज को अन्य अस्पताल के लिए रेफर करने को कहा जिस पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि एक लाख 90 हजार रुपए जमा करेंगे। तभी आप के मरीज को अन्य अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा फिर से पुलिस को सूचना दी गई जिस पर पुलिस ने उन्हें रेफर करने के लिए कहा गया जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने फाइल में लिखवा लिया की मरीज के ठीक होने के बाद वह अस्पताल की बकाया धनराशि जमा करा देंगे। और उनसे हस्ताक्षर करा लिए गए।

जिसके बाद उन्होंने मरीज को रेफर कर दिया और रेफर स्लिप पर लिख दिया कि यह मरीज अपनी मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मरीज को जब वह दिल्ली लेकर गए तो डाक्टरों ने उनके पुत्र संजय वर्मा को अस्पताल में एडमिट करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि तुम अपने मरीज को अपनी मर्जी से अस्पताल से निकाल कर लाए हो इसलिए हम भर्ती नहीं करेंगे उन्होंने कहा कि 3 से 4 अस्पतालों में जब उस उनके मरीज को भर्ती नहीं किया गया तो वह सफदरगंज अस्पताल पहुंचे जहां पर उन्होंने डॉक्टरों के हाथ पैर जोड़कर मिन्नतें की और अपने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया उन्होंने कहा कि उनके पुत्र के अगले दिन अस्पताल में मौत हो गई उन्होंने बताया कि केबीआर अस्पताल के डाक्टरों द्वारा उनसे गुमराह करके इलाज और दवाइयों के नाम पर लगभग 4 लाख रुपए ऐंठ लिए और मरीज के उपचार में लापरवाही की गई जिससे उनके पुत्र की मौत हो गई उन्होंने केवीआर अस्पताल प्रबंधन एवं डॉ पंकज डाबर के खिलाफ तथा रेफर करने वाले अस्पताल एबीएम ठाकुरद्वारा के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। तो वही पुलिस क्षेत्राधिकारी अक्षय कुमार कोंडे ने उन्हें कार्यवाही करने का आश्वासन देते हुए जांच करने को लेकर कुंडा थाना प्रभारी को आदेशित किया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने उन्हें केबीआर अस्पताल के प्रबंधन तथा के ऊपर लापरवाही से उपचार करने का आरोप लगाया है। जिससे उनके पुत्र की मौत हुई है उन्होंने कहा कि जांच के बाद लापरवाही पाए जाने पर पुलिस अग्रिम कार्यवाही करेगी।

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