2027 में इस राशि पर शुरू होगा साढ़े साती का कष्टदायी चरण, तो जानें किसे मिलेगी शनि प्रकोप से मुक्ति
वर्ष 2027 ज्योतिषीय दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि इस साल शनि अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। शनि के राशि बदलते ही किसी राशि को साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी तो किसी पर इसका कष्टदायी चरण शुरू हो जाएगा।
वैदिक ज्योतिष में शनि को न्याय का देवता और कर्मफलदाता माना जाता है। कहते हैं जो जैसा कर्म करते हैं शनि उन्हें उसी के अनुसार फल देते हैं। शनि हर राशि में लगभग ढाई साल तक विराजमान रहते हैं। इस तरह से उन्हें अपना राशि चक्र पूरा करने में करीब 30 सालों का समय लग जाता है। शनि इस समय मीन राशि में विराजमान हैं लेकिन 2027 में ये राशि बदलकर मेष राशि में गोचर शुरू कर देंगे। जानिए शनि के इस गोचर से किस राशि को साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी तो कौन सी राशि पर इसका कष्टदायी चरण शुरू हो जाएगा।
क्या होती है शनि की साढ़े साती?
जब शनि ग्रह किसी जातक की जन्म राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में गोचर करते हैं, तो शनि साढ़े साती लगती है। बता दें साढ़े साती के कुल तीन चरण होते हैं:
- पहला चरण: इस चरण में मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- दूसरा चरण: यह साढ़े साती का सबसे कष्टदायी चरण माना जाता है। इस चरण में शारीरिक कष्ट, पारिवारिक कलह और करियर में बाधाएं आने की संभावना रहती है।
- तीसरा चरण: इस चरण में धन हानि, रिश्तों में कड़वाहट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आती हैं।
2027 में किस राशि पर शुरू होगा साढ़े साती का कष्टदायी चरण?
शनि के गोचर के साथ ही मेष राशि वालों पर साढ़े साती का सबसे कष्टदायी चरण शुरू हो जाएगा। इस दौरान आपको करियर, व्यवसाय और स्वास्थ्य के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि जिन जातकों की कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत है या जो जातक पूरी ईमानदारी से अपना कर्म कर रहे हैं उन्हें इससे बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि शनि ऐसे लोगों को ज्यादा कष्ट नहीं देते।
2027 में किस राशि को मिलेगी साढ़े साती से मुक्ति?
वर्ष 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर शुरू करते ही कुंभ वालों को साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी। जिससे आपके अटके हुए कार्य तेजी से बनने लगेंगे।
2027 में किस राशि पर शुरू होगी साढ़े साती?
2027 में वृषभ राशि वालों पर साढ़े साती का प्रथम चरण शुरू हो जाएगा। तो वहीं मेष वालों पर इसका दूसरा चरण तो मीन वालों पर तीसरा चरण शुरू होगा। इन तीनों में से सबसे कष्टदायी दूसरा चरण माना जाता है।
शनि को प्रसन्न करने के उपाय
यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ऐसे में आप कुछ खास उपायों को करके शनि के प्रकोप से बच सकते हैं। चलिए जानते हैं क्या हैं ये उपाय:
- नियमित हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। कहते हैं इससे शनि के दोषों से छुटकारा मिल जाता है।
- इसके साथ ही शनिवार के दिन सरसों के तेल, काले तिल, काले चने, जूते-चप्पल या लोहे की वस्तुओं का दान करें।
- शनिवार की शाम में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं।
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