मेडिकल कॉलेज के बाद अब यहां सामने आया रैगिंग को लेकर मामला

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आज के समय में रैगिंग करना एक अपराधी गतिविधि माना जाता है जिसको लेकर सजा का प्रावधान भी है लेकिन उसके बावजूद भी कई बार लेकिन की खबरें सामने आती रहती है वहीं बीते दिनों हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में भी रैगिंग की खबरें सामने आ रही थी जिसके बाद शासन प्रशासन के द्वारा इसमें बड़ी कार्यवाही की गई लेकिन अब एक बार फिर से वहीं को लेकर एक बड़ी खबर सुयालबारी से सामने आ रही है।यहां अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट सुयालबाड़ी में भी रैगिंग का मामला सामने आया है। यहां सीनियर व जूनियर छात्रों में मारपीट का मामला गर्माने के बाद दसवीं और 12वीं कक्षा के पांच विद्यार्थियों पर गाज गिरी है। फिलहाल पांचों विद्यार्थियों को स्कूल से घर भेज दिया गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इसकी पुष्टि की है।


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ रीजन की अनुशासन समिति से निर्णय आने के बाद विद्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। जवाहर नवोदय विद्यालय में कुछ दिन पूर्व जूनियर छात्रों को अनुशासन सिखाने के नाम पर मारपीट का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। आरोप था कि सीनियर छात्र जूनियर छात्रों को अनुशासन सिखाने के नाम पर उनकी रैगिंग ले रहे हैं। जूनियर छात्रों से मैस से खाना मंगवाने के साथ ही अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद आनन-फानन में जांच बैठा दी गई।
नवोदय विद्यालय समिति के लखनऊ संभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पीआर प्रसाद राव बीते 17 मार्च को विद्यालय पहुंचे। बाद में अभिभावकों को भी विद्यालय बुलाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य, असिस्टेंट कमिश्नर तथा उप प्रधानाचार्य की टीम ने अभिभावकों के सामने करीब 40 से अधिक विद्यार्थियों की काउंसलिंग की। बाद में आरोपों से घिरे 40 में से करीब 12 विद्यार्थियों के नाम सामने आए।


रिपोर्ट लेकर असिस्टेंट कमिश्नर लखनऊ रवाना हो गए। विद्यालय प्रशासन ने फैसला लखनऊ संभाग की अनुशासन समिति पर छोड़ दिया गया। लखनऊ संभाग की अनुशासन समिति ने दसवीं तथा बारहवीं कक्षा के पांच छात्रों पर कार्रवाई कर दी है।’ विद्यालय प्रबंधन के अनुसार सभी आरोपित पांचों छात्रों को घर भेज दिया गया है। इनमें दो छात्र अभिभावकों के साथ विद्यालय पहुंचकर परीक्षा में शामिल होंगे तथा अभिभावकों के साथ ही वापस घर को जाएंगे।

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