अतिक्रमण मामले में याचिकाकर्ताओं को नैनीताल हाईकोर्ट ने दिया आखिरी मौका
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में निर्णय देने से पहले सुनवाई के दौरान कहा कि प्रभावित लोग अगर चाहें तो न्यायालय में अपनी बात कहने आ सकते हैं । इन्हें अखबार के माध्यम से सूचित किया जाएगा और ये लोग दो सप्ताह में न्यायालय की इस खंडपीठ के सामने आ सकेंगे । अगली सुनवाई दो सप्ताह के बाद होगी ।
बुधवार दोपहर न्यायमूर्ति शरद शर्मा और न्यायमूर्ति आर सी खुल्बे की खंडपीठ ने हल्द्वानी रेलवे भूमि का लंबे समय से प्रतीक्षित आदेश सुनने से पहले अंतिम बार सुनवाई का हुक्म दिया । न्यायालय ने आज कहा कि रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रभावित लोग अगर अपनी कोई बात कहना चाहते हैं तो वो इंटरवेंशन एप्लिकेशन के माध्यम से न्यायालय का रुख कर सकते हैं । इसके लिए नैनीताल जिले के दो अखबारों में विज्ञापन देकर ऐसे इच्छुक लोगों को आमंत्रित किया जाए । ये लोग दो हफ्ते के भीतर याचिकाकर्ता के रूप में अपनी बात खंडपीठ के सामने रख सकेंगे । इसके बाद न्यायालय में सुनवाई के बाद यही बेंच अपना निर्णय सुनाएगी ।
इस दौरान रेलवे की तरफ से बहस कर रहे अधिवक्ता राकेश थपलियाल ने न्यायालय से प्रार्थना की कि उन्हें भी सुनवाई में शामिल किया जाए लेकिन न्यायलय ने कहा कि उनको पहले ही सुना जा चुका है और अब केवल प्रभावित लोगों को सुनना बांकी है । न्यायपालिका ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक निर्णय होगा । याचियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता तनवीर आलम और अधिवक्ता निषाद इंतजार मौजूद रही जिन्होंने न्यायालय के इस कदम का स्वागत किया ।
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