उमेश कुमार और चैंपियन के बीच फिर हुई दोस्ती!, फेसबुक में पोस्ट शेयर कर लिखा ये

Ad
ख़बर शेयर करें
umesh champion together उमेश कुमार और चैंपियन के बीच फिर हुई दोस्ती

खानपुर विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर चैंपियन के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे खत्म होता दिख रहा है. पूर्व विधायक चैंपियन के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद से इस बात के संकेत मिल रहे हैं.

उमेश कुमार और चैंपियन के बीच फिर हुई दोस्ती!

बता दें बीते मंगलवार को खानपुर विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा में सार्वजनिक रूप से चैंपियन की सेहत को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि वह उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. ताकि वे जल्द ही अपने घर लौट सकें. जिसके बाद अब चैंपियन ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उमेश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है.

चैंपियन ने जताया उमेश कुमार का आभार

चैंपियन ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि पता चला कि उमेश कुमार ने सार्वजनिक तौर पर, हमारे शीघ्र स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की है. इसके लिए उन्होंने उमेश कुमार का आभार व्यक्त किया. चैंपियन ने कहा हम क्षत्रिय हैं जो कायदे के तथ्य पर शत्रु का भी सम्मान करते हैं.

बदलते वक्त के पैगाम आने लगे

देखो मेरे नीम पे आम आने लगे

जो करते नहीं थे मुसाफा सरेराह

अब उनके बाअदब सलाम आने लगे

ज्ञात हुआ कि उमेश कुमार ने सार्वजनिक तौर पर , हमारी रुग्णावस्था पर , ईश्वर से हमारे शीघ्र स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना की है हम निजी तौर पर उनका आभार प्रकट करते हैं , शिष्टाचार प्रकट कर मंगलकामना करने के लिएदेखिए हम “क्षत्रिय” हैं जो कायदे के तथ्य पर शत्रु का भी सम्मान करते हैं

जब राजा पोरस को सिकंदर ने पराजित किया और दरबार में पेश होने पर उनसे सवाल किया कि , “आपके साथ कैसा बर्ताव किया जाए” तब पोरस ने सिकंदर से कहा “जैसा एक राजा दूसरे राजा के साथ करता है” हम प्राचीन गौरवशाली लंढौरा रियासत के “वीर गुर्जर” समाज के वंशज हैं जहां हमारे शौर्यवान पूर्वजों द्वारा 36 कौम का सदैव सम्मान व भागीदारी किया जाता रहा है.

आज भी आपकी लंढौरा रियासत के प्राचीन गौरव की गवाही देता वह प्रतीक-चिन्ह , “रंग महल” सम्मानित 36 कौम की धरोहर के रूप में विद्यमान है ; जिसके हम ट्रस्टी मात्र हैं , स्वामी नहीं ! अतः अपनी धरोहर के मान सम्मान विषयक जो निर्णय सम्मानित 36 कौम के आदरणीय वंशज करेंगे , वह अक्षरशः हमें स्वीकार्य होगा ; हमारी ओर से कोई भी किसी किस्म का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा क्योंकि यह समाज का विषय है कोई व्यक्तिगत नहीं.