बागेश्वर धाम की कथा सुन लौट रहा था परिवार, Panchkula में सातों ने की आत्महत्या, वजह जान रह जाएंगे हैरान

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Panchkula news

पंचकूला (Panchkula) से बड़ी खबर सामने आ रही है. बागेश्वर धाम की कथा सुन लौटे रहे एक ही परिवार के सात सदस्यों ने आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है सभी लोग बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा सुन लौट रहे थे. मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं.

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Panchkula में परिवार के सात सदस्यों ने की आत्महत्या

घटना सोमवार रात की है. जानकारी के अनुसार सोमवार रात पुलिस को करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि मकान नंबर 1204 के बाहर खड़ी एक कार में कुछ लोगों ने आत्महत्या (suicide) कर ली है. मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी में सवार सभी लोगों को सेक्टर-26 के निजी अस्पताल अस्पताल में भर्ती कराया. जहां सभी लोगों ने दम तोड़ दिया. परिवार देहरादून का रहने वाला बताया जा रहा है.

कर्ज में डूबा हुआ था परिवार

पुलिस सूत्रों की माने तो प्रवीन मित्तल ने कुछ समय पहले दून में टूर एंड ट्रैवल का कारोबार शुरू किया था जो चल नहीं पाया. परिवार को इसके चलते बहुत घाटा हुआ था. इसी कारण परिवार कर्ज में डूब गया था. परिवार की हालत इतनी खराब थी कि परिवार का गुजारा भी करना मुश्किल हो गया था. बीते दिन पहले परिवार बागेश्वर धाम की कथा सुन देहरादून वापस लौट रहा था.

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Panchkula में परिवार के सात सदस्यों ने की आत्महत्या

मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल

पंचकूला से लौटने के दौरान परिवार ने यह कदम उठाया है. मरने वालों में दो दंपती, तीन मासूम बच्चे और परिवार के बुजुर्ग सदस्य शामिल हैं. घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी मची हुई है. मित्तल परिवार के घर के बाहर भी उनके रिश्तेदारों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है. बताया जा रहा है मित्तल परिवार लगभग 8-9 महीने पहले देहरादून के कोलागढ़ में किराए के माकन पर रह रहा था. परिवार मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला है.

NGO भी चलते थे प्रवीण मित्तल

घटनास्थल से जो वाहन मृतक के पास मिला है, वह गंभीर सिंह नेगी निवासी मालदेवता के नाम से पंजीकृत है. देहरादून पुलिस ने जब गंभीर सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात प्रवीण मित्तल से NGO के काम के सिलसिले में हुई थी. मृतक प्रवीण पूर्व में चाइल्ड लाइफ केअर मिशन नाम से NGO चलाता था. इसी दौरान मित्रता के चलते गंभीर नेगी ने वाहन को अपने नाम पर फाइनेंस करवाया था, जिसे वर्तमान में मृतक चलाता था.

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