उपनल कर्मियों ने दी चेतावनी,जुम्मे के वक्त करेंगे धर्म परिवर्तन

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प्रदेश भर के सभी विभागों में उपनल के माध्यम से बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। जिनकी संख्या तकरीबन 25 हजार के करीब है। लेकिन पिछले लंबे समय से ये कर्मचारी समान कार्य समान वेतन की मांग कर रहे हैं। मामला हाई कोर्ट में लंबित है।

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उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद गोदयाल ने कहा कि प्रदेश में उपनल कर्मचारी 15 से 16 सालों से 10 से 15000 के वेतन पर काम कर रहा है। सरकार से मांग की जा रही है की उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण की व्यवस्था की जाए। लेकिन सरकार कर्मचारियों की बात ना मानकर 10% वेतन बढ़ाने की बात कर रही है जो उन्हें मंजूर नहीं।

मांगे पूरी ना होने पर परिवार संग करेंगे धर्म परिवर्तन
उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती तो उत्तराखंड के 25000 उपनल कर्मचारी परिवार सहित शुक्रवार को धर्म परिवर्तन करेंगे। उनका कहना है कि एक तरफ मोदी सरकार राम राज्य की बात कर रही है लेकिन उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसलिए प्रदेश के सभी 25000 उपलन कर्मचारी शुक्रवार को अपने परिवार के साथ धर्म परिवर्तन करेंगे। इसलिए जुम्मे की नमाज के साथ उपनल कर्मचारी अपने परिवार के साथ धर्म परिवर्तन करेंगे।

हड़ताल के कारण मरीजों को हो रही असुविधा
वहीं उपनल कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे बड़ा असर पड़ा है। दून अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि हमारे यहां उपनल के 250 और टीडीएस के 200 कर्मचारी काम करते हैं। इसमें बहुत सारे लोग अपनी हड़ताल में पार्टिसिपेट कर रहे हैं। उन सभी को देखते हुए जिला अस्पताल में जो हमारे इंटर्न है और जो दूसरा स्टाफ है उनको मोबिलाइज किया गया है।

जहां पर ज्यादा दिक्कत है वहां पर एक्स्ट्रा सुविधा देने का कार्य किया है क्योंकि वो लोग नए हैं। शुरू के दिनों में प्रॉब्लम ज्यादा हो रही है लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था बनाई जा रही है। अनुराग अग्रवाल ने बताया कि हड़ताल के कारण मरीजों को थोड़ी असुविधा झेलनी पड़ रही है लेकिन जल्दी इस समस्या से निजात पा लिया जाएगा।

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