उपराष्ट्रपति पद पर इस नेता का नाम लाकर भाजपा ने फिर चौंकाया

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नई दिल्ली एसकेटी डॉट कॉम

भारतीय जनता पार्टी नित नए फैसले लेकर राजनीति के पंडितों के अनुमानों को भी धता बता देती है. भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बोर्ड में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बंगाल में जनकल्याणकारी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाले वहां के राज्यपाल जगदीप धनकड का नाम फाइनल कर दिया.

ऐसा ही कुछ भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर आदिवासी नेत्री और झारखंड की राज्यपाल रही द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर आदिवासी कार्ड खेल दिया था जिसके बाद कई राजनीतिक पार्टियों को अपना स्टैंड बदलने को मजबूर होना पड़ा था.

ऐसा ही कुछ उपराष्ट्रपति के प्रत्याशी के तौर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर भाजपा ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के नाम की मुहर लगा दी जबकि इससे पहले यह माना जा रहा था कि भाजपा इस पद पर किसी अल्पसंख्यक को बिठाए गी ताकि वह यह सिद्ध कर सके कि वह अल्पसंख्यकों को भी बराबर की ही तवज्जो देती है इसमें मुख्य रूप से भाजपा के कई सालों से मुस्लिम चेहरे के रूप में जाने जाने वाले मुख्तार अब्बास नकवी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था.

लेकिन आज संसदीय दल की बैठक में जगदीप धनखड़ के नाम की मोहर लगाकर अरे अनुमानों को फेल कर दिया.

राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं. इस बीच भाजपा ने आज शनिवार को जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार घोषित कर सभी को चौंका दिया है. जगदीप धनखड़ वर्तमान में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं.

उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनके नाम को भाजपा संसदीय पैनल द्वारा अंतिम रूप दिया गया. भाजपा संसदीय पैनल के सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह सहित अन्य शामिल थे.

भाजपा संसदीय दल की बैठक आज शनिवार को पार्टी मुख्यालय पर हुई.जगदीप धनखड़ तीन दशक से अधिक समय से सार्वजनिक जीवन में हैं. 1989 के लोकसभा चुनाव में झुंझुनू से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया. इसके बाद, उन्होंने 1990 में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया.

1993 में, वे अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए. जुलाई 2019 में, उन्हें पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने कड़ी मेहनत की और लोक कल्याण के मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए एक पीपुल्स गवर्नर के रूप में अपनी पहचान बनाई.

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