राज्य में हो सकते 2013 जैसी आपदा के हालात :-मौसम विभाग निदेशक

ADVERTISEMENTS
Ad
ख़बर शेयर करें

राज्य में मौसम विभाग के द्वारा एक बार फिर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है जानकारी के अनुसार मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि तीन दिनों तक भारी भारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य में 17, 18 और 19 अक्टूबर को राज्यभर में भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि 18 और 19 अक्टूबर को राज्य में 2013 में आई भीषण आपदा जैसे हालात हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वो भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनका अलर्ट झूटा साबित हो। बिक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बारिश से भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण मैदानी जिलों में नदियों को जलस्तर काफी बढ़ सकता है। लगभग सभी नदियों का जलस्तर खबरे के निशान को पार कर जाएगा। इससे लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।मौसम में आए इस बदलाव के कारण राज्यभर में भूस्खलन जैसी घटनाएं भी बड़े स्तर पर देखने को मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रशासन को भी सतर्क रहने के लिए गया है। साथ ही लोगों को भी दो दिनों तक सफर नहीं करने के लिए भी कहा गया है।

ADVERTISEMENTS

उत्तराखंड में मौसम विभाग का 3 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट। आज से 3 दिन तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में होगी बारिश। मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेशभर में बारिश हो गई है। अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।अलर्ट के अनुसार आज यानी 17 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली , रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। 18 और 19 को भी ज्यादातर जगह बारिश होने के आसार जताए जा रहे हैं।18 अक्टूबर को इन जिलों में तेज बारिश के साथ कई जगह ओलावृष्टि और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार पिथौरागढ़, बागेश्वर ,चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, जलभराव होने गाड-गधेरो में आने और ओलावृष्टि से फसलोंऔर जानवरों को नुकसान होने की भी चेतावनी जारी की है। इससे चारधाम समेत पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही यात्राओं पर भी असर पड़ सकता है

ADVERTISEMENTS