SSP ने दो नेताओं को ऐसा पीटा! सता रहा आंखों की रोशनी जानें का डर; अब अविनाश पांडे पर UP प्रशासन का बड़ा एक्शन

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Meerut SSP Avinash Pandey: पहले तो पुलिस महकमे में केवल भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे. लेकिन अब अपराध के मामलों ने भी हैरान कर दिया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात मेरठ के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) अविनाश पांडे को तत्काल प्रभाव से लखनऊ राज्य मुख्यालय से संबद्ध कर दिया.

UP Police news
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पहले तो पुलिस महकमे में केवल भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे. लेकिन अब अपराध के मामलों ने भी हैरान कर दिया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात मेरठ के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) अविनाश पांडे को तत्काल प्रभाव से लखनऊ राज्य मुख्यालय से संबद्ध कर दिया. यह अचानक प्रशासनिक कार्रवाई तब हुई जब SP के एक पदाधिकारी और स्थानीय किसान नेता ने आरोप लगाया कि अविनाश पांडे और पुलिसकर्मियों ने अधिकारी के केबिन और पुलिस कस्टडी में उनके और एक अन्य व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट की.

बाईं आंख पर हमला 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बीआर अंबेडकर गुट के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी का एक वीडियो तेज़ी से फैलने लगा. क्लिप में भाटी की बाईं आँख बुरी तरह सूजी हुई और शरीर पर चोट के निशान दिख रहे थे. उन्होंने दावा किया कि ये चोटें अविनाश पांडे द्वारा एक एनेक्सी में बुरी तरह पीटे जाने और उसके बाद किसी अज्ञात जगह पर स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) के जवानों द्वारा किए गए हमले के कारण आईं. भाटी ने बताया कि वह बुधवार को SSP से मिलकर FIR से अपना नाम हटाने का अनुरोध करने गए थे, क्योंकि वह पिछले विरोध प्रदर्शन की जगह पर मौजूद नहीं थे. जब उन्होंने मामले में अपना नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई, तो अविनाश पांडे ने कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी की. भाटी ने आरोप लगाया, “SSP ने मेरी आँख पर कई बार लात मारी.” उन्होंने आगे कहा कि बाद में सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अखिलेश गौर की अगुवाई में SOG के जवानों ने उन्हें कई घंटों तक प्रताड़ित किया.

आंख की रौशनी जाने का डर 

मोहित जाटव, जो बैठक में भाटी के साथ गए थे, को भी लगभग 12 घंटे की कस्टडी के दौरान बुरी तरह पीटा गया. जाटव ने कहा, “हमें पहले SSP ऑफिस से फ़ोन आया था क्योंकि 8 जुलाई की घटना के लिए FIR में हमारे नाम थे. हमें कई बार पीटा गया. मेरे पैर सूज गए हैं और लगातार पिटाई के कारण अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है. हमें लगभग 12 घंटे तक कस्टडी में रखा गया.” भाटी के चेहरे पर गंभीर चोटों और बाईं आँख में सूजन को लेकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और समर्थकों ने गंभीर चिंता जताई कि इस बर्बर शारीरिक हमले के कारण उनकी आँख की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. खबरों के मुताबिक, यह मारपीट कॉलेज छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में 8 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है. ललिता का शव 15 मई को मेरठ के रोहटा इलाके के एक खेत में मिला था. प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय अधिकारियों से मिलने और मुख्य संदिग्ध अंकित की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर मेरठ कलेक्ट्रेट का गेट करीब तीन घंटे तक जाम रखा. 

यह प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब अविनाश पांडे की अगुवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज का आदेश दिया. इस झड़प के बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत 63 प्रदर्शनकारियों (13 नामजद और 50 अज्ञात) के खिलाफ मामले दर्ज किए, जिसमें हत्या की कोशिश की धारा 109 भी शामिल है. अविनाश पांडे द्वारा प्रदर्शनकारियों और एक दलित वकील के साथ पुलिस वैन के अंदर मारपीट करने के वायरल वीडियो पर पहले भी तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई थी.

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