अगले 72 घंटों में इन राज्यों में भारी तबाही का रेड अलर्ट, संभलकर रहें लोग
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर से बेहद खतरनाक और आक्रामक रूप में सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बादलों का तांडव देखने को मिलेगा और भारी से अति भारी बारिश तबाही मचा सकती है।
मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में भारी जलभराव, अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड), लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन और यातायात पूरी तरह से बाधित होने जैसी खतरनाक स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
पश्चिम भारत में सबसे ज्यादा मंडरा रहा है खतरा
मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां सबसे ज्यादा भयानक रूप लेने वाली हैं। इन तमाम क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की पूरी संभावना है, जबकि कुछ खास इलाकों में तो अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग का साफ कहना है कि अरब सागर से लगातार मिल रही भारी नमी और मानसूनी ट्रफ के अत्यधिक सक्रिय होने की वजह से बारिश का यह खतरनाक दौर अभी कुछ दिनों तक थमने वाला नहीं है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी झमाझम बरसेगी आफत
सिर्फ पश्चिम भारत ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अगले कुछ दिनों तक लगातार और व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इन सभी राज्यों में लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, असम और पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है।
दक्षिण भारत में भी जमकर सक्रिय है मानसून
देश के दक्षिणी हिस्से में भी मानसून अपनी पूरी ताकत के साथ डटा हुआ है। कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने वाला है। विशेष तौर पर तटीय कर्नाटक के कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज रफ्तार हवाओं के साथ गरज-चमक वाली गतिविधियां लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
जानिए कहां-कहां जारी हुआ है रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट?
मौसम विभाग ने खतरे की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है:
- रेड अलर्ट: IMD ने दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के चार राज्यों, गुजरात के कुछ हिस्सों, कोंकण क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के चुनिंदा इलाकों के लिए ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का रेड अलर्ट जारी करते हुए ‘टेक एक्शन’ यानी तुरंत कदम उठाने की चेतावनी दी है। इन डरावने इलाकों में 20 सेंटीमीटर से भी ज्यादा बारिश होने की आशंका है, जिससे भयंकर बाढ़ और पहाड़ों पर खतरनाक भूस्खलन का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है।
- ऑरेंज अलर्ट: जिन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई बड़े इलाके शामिल हैं। यहां भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं चलने और स्थानीय स्तर पर भयंकर जलभराव की आशंका जताई गई है।
- येलो अलर्ट: दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के तमाम हिस्सों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज और चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।
मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी और प्रशासन की तैयारियां
मौसम विभाग ने अरब सागर और उससे सटे हुए समुद्री इलाकों में समुद्र के बेहद उग्र और खतरनाक रूप को देखते हुए मछुआरों को सख्त सलाह दी है कि वे अगले कुछ दिनों तक भूलकर भी समुद्र में न जाएं। इसके अलावा, सभी संबंधित राज्य प्रशासनों को संवेदनशील और आपदा की दृष्टि से खतरनाक क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की सभी पुख्ता तैयारियां सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दे दिए गए हैं।
आईएमडी ने देश की आम जनता से भी पुरजोर अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन और सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें, बेवजह और अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें, और मौसम से जुड़े हर ताजा अपडेट पर लगातार अपनी नजर बनाए रखें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
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