हल्द्वानीः (बड़ी खबर)- भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नैनीताल में 40, अल्मोड़ा में 23, बागेश्वर में 11 मार्ग बंद

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर सितंबर के पहले सप्ताह में भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
172 मार्ग बंद, आवाजाही प्रभावित
लगातार बारिश के चलते प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 172 सड़कें बंद हैं। अल्मोड़ा में 23, बागेश्वर में 11, चमोली में 17, चंपावत में दो, देहरादून में 15, नैनीताल में 40, पौड़ी में 12, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 15 और उत्तरकाशी में 14 मार्ग बंद हैं। सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सितारगंज में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटे में सितारगंज में सर्वाधिक 180 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 154, मालदेवता में 133, अल्मोड़ा में 107, चंपावत में 105 और देवलथल में 90 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।मौसम
नदियां खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश से प्रदेश की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उत्तरकाशी में भागीरथी, चमोली में नंदाकिनी और पिंडर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने से प्रशासन सतर्क है
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