संकट में आई पंचायते ,अब इस वजह से मुखिया विहीन रहेंगी

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पंचायती राज विभाग द्वारा भेजे गए संशोधन अध्यादेश को राजभवन ने तकनीकी खामी का हवाला देते हुए वापस लौटा दिया है. इस अध्यादेश में त्रिस्तरीय पंचायतों में प्रशासकों का कार्यकाल एक वर्ष करने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन विधायी विभाग ने इस पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की है.

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पंचायती राज संशोधन अध्यादेश को राजभवन ने लौटाया

बता दें पुराने प्रशासकों का कार्यकाल 27 मई को खत्म हो गया था. जिसके बाद से सभी पंचायतें लावारिस हैं. पंचायतों में कहीं भी प्रशासक नियुक्त नहीं हैं. इसके बावजूद पंचायती राज विभाग ने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के बावजूद पहले जैसा प्रस्ताव भेज दिया है. जिसे राजभवन ने वापस लौटा दिया है.

अधिकारियों की लापरवाही बनी वजह

विधायी विभाग ने अध्यादेश में तकनीकी त्रुटि का होना बताया है. इस खामी के चलते राजभवन ने अध्यादेश को पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार को लौटा दिया. इस पूरे प्रकरण ने पंचायती राज विभाग के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं