18 सितंबर को मंगल बनाएंगे नीचभंग राजयोग, वृश्चिक, मेष, धनु और मीन राशि वालों को आर्थिक उन्नति के योग
Mars Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र अनुसार18 सितंबर 2026 को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष में कर्क मंगल की नीच राशि मानी जाती है। इसी राशि में पहले से गुरु बृहस्पति की स्थिति होने के कारण ज्योतिषीय विश्लेषणों में मंगल-गुरु की युति को नीचभंग राजयोग से जोड़ा जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि, संपत्ति और पराक्रम के कारक ग्रह हैं। वहीं गुरु ज्ञान, विस्तार, धन और भाग्य से जुड़े माने जाते हैं। वहीं नीचभंग राजयोग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। खासतौर पर वृश्चिक, मेष, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े मामलों में नए अवसर बनने की संभावना मानी जा रही है।
फ्यूचर पंचांग के अनुसार मंगल ग्रह 18 सितंबर 2026 को शाम करीब 4:44 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल इससे पहले मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। कर्क राशि में पहुंचने के बाद मंगल और गुरु की स्थिति को लेकर नीचभंग राजयोग की चर्चा हो रही है।
नीचभंग राजयोग कैसे बनता है?
वैदिक ज्योतिष में जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में स्थित होकर कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण अपनी नीचता खो देता है, तो उसे नीचभंग कहा जाता है। शास्त्रीय नियमों में इसके लिए कई स्थितियां बताई गई हैं, जैसे नीच राशि के स्वामी या उस ग्रह की उच्च राशि के स्वामी का केंद्र में होना आदि। इस बार मंगल कर्क में नीच होते हैं और कर्क में गुरु की उच्च स्थिति को कुछ ज्योतिषीय परंपराएं मंगल की कमजोरी को कम करने वाली स्थिति मानती हैं।
हालांकि, नीचभंग राजयोग की शास्त्रीय शर्तों की व्याख्या अलग-अलग ज्योतिष परंपराओं में अलग हो सकती है, इसलिए इसे हर कुंडली में समान रूप से बनने वाला राजयोग नहीं माना जाना चाहिए।
मेष राशि पर नीचभंग राजयोग का प्रभाव (Aries Zodiac)
मेष राशि के स्वामी मंगल ही हैं, इसलिए मंगल का यह गोचर इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। करियर और कारोबार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। रुके हुए कामों को गति देने का अवसर मिल सकता है और आर्थिक मामलों में नए अवसर सामने आ सकते हैं। साथ ही आप वाहन और प्रापर्टी खरीद सकते हैं।
वृश्चिक राशि पर नीचभंग राजयोग का प्रभाव (Scorpio Zodiac)
वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल हैं। मंगल-गुरु की यह स्थिति भाग्य, उच्च शिक्षा, यात्रा और काम- कारोबार के अवसरों से जुड़े मामलों को एक्टिव कर सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों और विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही इस समय साहस और पराक्रम में वृद्धि हो सकती है।
धनु राशि पर नीचभंग राजयोग का प्रभाव (Sagittarius Zodiac)
धनु राशि के स्वामी गुरु हैं और कर्क में गुरु की मजबूत स्थिति होने से और मंगल के साथ बनने वाला यह संयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी और व्यवसाय में योजनाओं को आगे बढ़ाने के चांस मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में लाभ की संभावनाएं बन सकती हैं, साथ ही जो लोग ज्योतिष, रिसर्च, कथावाचक या ऑकल्ट साइंस से जुड़े हए हैं तो उनको लाभ हो सकता है। हालांकि वास्तविक परिणाम जन्मकुंडली पर निर्भर करेंगे।
मीन राशि पर नीचभंग राजयोग का प्रभाव (Pisces Zodiac)
मीन राशि के स्वामी भी गुरु हैं। मंगल का कर्क गोचर शिक्षा, रचनात्मक कार्य, संतान और निवेश जैसे विषयों पर इफेक्ट डाल सकता है। मेहनत और सही रणनीति के साथ आर्थिक प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही इस समय संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। वहीं अगर आप छात्र हैं तो किसी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।
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