मां पर थी दोस्त की गंदी नजर, खाने में जहर देकर मार डाला, पुलिस ने ऐसे पकड़ा

ख़बर शेयर करें


उधमसिंह नगर में हुए लगभग ढाई महीने पहले हुए पीयूष राणा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पीयूष के साथ ही रहने वाले एक युवक और मृतक के दोस्त अभिषेक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की माने तो पीयूष उसकी मां पर गंदी निगाह रखता था इसीलिए उसे मौत के घाट उतार दिया।


दरअसल पुलिस को दो मई को सूचना मिली कि सिडकुल चौकी अंतर्गत एक घर में पीयूष राणा नाम का एक युवक मृत पड़ा हुआ है। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को युवक के कमरे से एक शीशी व एक एविल इंजेक्शन तथा बर्तनों में पका हुआ खाना दाल और चावल मिला था। पुलिस के पास कोई खास सुराग नहीं था और पोस्टमार्टम में भी कुछ खास हाथ नहीं लगा। पीयूष का विसरा भी इसीलिए सुरक्षित रख लिया गया।


पुलिस को मिला सुराग
वहीं पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और मौके से मिले खाने को लैब में जांच के लिए भेजा। इस दौरान खुलासा हुआ कि खाने में जहर मिला हुआ था। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदला। इसके बाद घरवालों की तहरीर पर मौत वाले दिन पीयूष के साथ रात में कमरे में मौजूद अभिषेक को हिरासत में लिया गया।


पुलिसिया पूछताछ में अभिषेक टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। अभिषेक ने जो बताया वो औऱ भी हैरान करने वाला था। अभिषेक के मुताबिक पीयूष अक्सर अभिषेक की मां को लेकर भद्दे मजाक किया करता। यही नहीं पीयूष अक्सर ही अभिषेक के घर जाता और उसकी मां पर गंदी निगाह रखता। अभिषेक ने इस बारे में पीयूष को कई बार मना किया लेकिन वो नहीं माना। अंत में अभिषेक ने पीयूष को मारने का प्लान बनाया।


खुद नहीं खाया, दोस्त को खिलाया
अभिषेक के मुताबिक पीयूष के साथ उसका एक और दोस्त सोनू भी रहता था। जिस दिन सोनू अपने घर गया हुआ था उसी दिन अभिषेक अपने घर से जहर की शीशी लेकर पीयूष के कमरे पर पहुंच गया। इस दौरान उसने खाना बनाया और उसमें जहर मिलाकर पीयूष को परोस दिया। लंबी यात्रा के बाद चक्कर आने की बात कहकर अभिषेक ने खुद खाना नहीं खाया।


जहर मिला खाना खाने के बाद पीयूष की तबियत कुछ देर में ही बिगड़ने लगी। इस दौरान अभिषेक उसे देखता रहा। अभिषेक को डर था कि कहीं कोई पीयूष की मदद को न आ जाए इसलिए कमरे में ही मौजूद रहा और पीयूष को तड़प तड़प कर मरता देखता रहा। सुबह तक पीयूष की जान निकल गई तो अभिषेक ने उसके शरीर पर कंबल डाल दिया। तभी पीयूष के साथ रहने वाला सोनू कमरे पर आ गया। सोनू को भी लगा कि पीयूष सो रहा है लिहाजा वो अपनी ड्यूटी पर निकल गया। इसी दौरान अभिषेक भी कमरे को बाहर से बंद कर निकल गया।


अभिषेक को इस बात की उम्मीद भी नहीं थी कि लगभग ढाई महीने बाद पुलिस उसे फोरेंसिंक साक्ष्य के साथ गिरफ्तार करने आ जाएगी। उसे लग रहा था कि अब मामला ठंडा पड़ गया और वो बच गया। लेकिए यूएस नगर पुलिस ने उसे ढाई महीने बाद आखिरकार पकड़ ही लिया

Ad
Ad
Ad
Ad
Ad
Ad
Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.