पीएम के जिक्र के बाद जागे मंत्री और अधिकारी, साफ सफाई को लेकर कवायद

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शहरी विकास विभाग के मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की है। बैठक में प्रेमचंद अग्रवाल ने चारधाम यात्रा रूट पर पड़ने वाले 27 शहरों, गंगा नदी के तट पर पड़ने वाले 15 नगरों सहित सभी नगर निकायों में सफाई व्यवस्था, स्थाई और अस्थाई शौचालयों की स्थिति, नाले की सफाई, दवा छिड़काव, पेयजल व्यवस्था आदि स्थितियां जानी और इस पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं।


केदारनाथ का लिया अपडेट
मंगलवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के पंचम तल वीरभद्र सिंह गढ़वाली सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मीटिंग की शुरुआत में ही प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम में केदारनाथ में गंदगी को लेकर किए गए जिक्र के संबंध में संबंधित ईओ से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जानकारी जुटाई। ईओं को केदारनाथ के आसपास पूरी तरह से साफ सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी वीडियों बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजें। वहीं प्रेमचंद अग्रवाल ने बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के ईओ से भी स्थिति जानी, जो संतोषजनक पाई गई।


इसके साथ ही मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने चमोली नगर पालिका के ईओ द्वारा प्लास्टिक, पॉलीथिन को बंद करने, बरसात को देखते हुए नालियों को पूर्ण रूप से साफ किए जाने पर प्रशंसा जाहिर की। इसी तरह क्रमवार रूद्रप्रयाग, पौड़ी, बड़कोट, श्रीनगर, रूड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, लंढौरा, मंगलौर, इमली खेड़ा, सेलाकुई, मसूरी, विकासनगर, झबरेड़ा, हरबटपुर, डोईवाला सहित सभी निकायों में सफाई व्यवस्था, शौचालयों, दवा छिड़काव की स्थिति जानी।


डेंगू फैला तो अधिकारी जिम्मेदार
प्रेमचंद अग्रवाल ने सख्त लहजे में सभी नगर निगम के नगर आयुक्तों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दवा छिड़काव के बावजूद जिस भी निकाय में डेंगू जैसी बीमारी फैलेगी, इसके लिए निकाय के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कहा कि छिड़काव में दवा की मात्रा पर्याप्त हो। मंत्री ने सभी अधिकारियों को कहा कि मानसून से पूर्व नालियों को साफ किया जाए।


प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि डेंगू जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए उसके लार्वा को नष्ट करने का जून माह सही समय है, क्यों कि लार्वा नष्ट न किया गया तो उसके बाद मच्छर पैदा होंगे और स्थिति नियंत्रण से बाहर चली जाएगी। इसके लिए उन्होंने घर-घर टीम भेजकर लार्वा को नष्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे निजी कार्यक्रम जैसे शादी, जन्मदिन महोत्सव आदि, जहां निकाय की ओर से सफाई की जाती है, उनसे न्यूनतम चार्ज भी वसूला जाए, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके।

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