जानिए किन डॉक्टरों के ऊपर सुशीला तिवारी अस्पताल प्रशासन करने जा रहा है कार्यवाही

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हल्द्वानी का सुशीला तिवारी अस्पताल कुमाऊं का सबसे बड़ा अस्पताल है लेकिन इसके बावजूद भी इस अस्पताल को लेकर आए दिन खबरें उड़ती रहती हैं बता दें कि इस बार खबर डॉक्टरों के द्वारा मरीजों के लिए बाहर से दवाई लिखे जाने को लेकर आ रही है क्योंकि अस्पताल प्रशासन के द्वारा डॉक्टर को बार बार चेतावनी दी गई है इसके बावजूद भी डॉक्टर बाहर की दवाइयां लिखते हैं इसके बावजूद भी अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर वार्ड में दवाइयां मौजूद रहती हैं और यही नहीं बाहर से लिखे जाने वाली दवाइयां भी जेनेरिक मेडिकल में की नहीं लिखी जाती है।

ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कई बार डॉक्टर को चेताया है लेकिन डॉक्टर अपनी मनमानी से कहां बाज आते हैं इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए डॉक्टरों के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी है और कार्यवाही की भी चेतावनी दी है सोचने वाली बात है कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल होने की वजह से इस अस्पताल में राज्य के अलग-अलग जिलों से मरीज आते हैं और राज्य नहीं उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के भी मरीज यहां अस्पताल में आते हैं ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने 209 प्रकार की दवाइयां स्टॉक में रखी है जिन दवाइयों में से 80 से 100 दवाइयां लाइफ सेविंग ड्रग्स इमरजेंसी में रखी हुई है लेकिन इसके बावजूद भी मरीजों से उनके साथ आये लोगो को डॉक्टरों के द्वारा दूसरे ब्रांड की बाहर की दवाइयां लिखने की शिकायतें मिलती है जिसकी वजह से अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों को कई बार चेतावनी दे दी है लेकिन इसके बावजूद भी बाज नहीं आ रहे हैं अब ऐसे में अस्पताल प्रशासन अपनी हरकतों से बाज नहीं आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में नजर आ रही है

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