हल्द्वानी- उत्तराखंड में हत्याओं का ग्राफ में हुआ इजाफा,हालात चिंताजनक

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उत्तराखंड की शांत वादियों में अपराधों का बढ़ रहा ग्राफ चिंताजनक हालात दर्शा रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में सामने आया है कि उत्तराखंड में हत्या जैसे संगीन अपराधों में 14 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।अपराधों के आंकड़े

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एनसीआरबी की 2024 की हाल में जारी रिपोर्ट में अपराधों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2022 के मुकाबले 2024 में हत्या के मामलों में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 2022 में प्रदेश में 187 हत्याएं दर्ज की गई थीं। यह संख्या वर्ष 2024 में 213 के पार पहुंच गई। इन तीन सालों में कुल 583 हत्या के मामले सामने आए। 2022 में राज्य में अपहरण के कुल 1169 मामले आए। 2023 में इनमें बढ़ोतरी हुई और संख्या 1264 पहुंची। वहीं 2024 में संख्या 1123 थी। राज्य में अपहरण की दर 9.5 रही।

हिमालयी राज्यों में स्थिति

हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड अपराधों के मद्देनहर दूसरे नंबर पर है। पहले स्थान पर असम है। जन्य हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड के मुकाबले काफी कम मामले दर्ज किए गए। हालांकि, इसकी एक वजह अधिक आबादी भी रही है।

अपहरण के मामले

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में अपहरण के मामले आंध्र प्रदेश से अधिक हैं। जहां 2022 से 2024 तक तीन साल में आंध्र प्रदेश में 2100 से ज्यादा अपहरण के मामले दर्ज हुए वहीं उत्तराखंड में 3500 मामले दर्ज किए गए।

पुलिस की मुस्तैदी

आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि पुलिस कानून व्यवस्था और अपराध रोकने को लेकर गंभीर है। पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि दिन रात बीट अधिकारियों से गश्त कराना सुनिश्चित करें ताकि अपराध पर लगाम लग सके।

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